शक्ति में खोली गई फर्जी बैंक, रुपये लेकर कर दी कर्मचारियों की नियुक्तियां; ऐसे हुआ खुलासा..

शक्ति | हाल के वर्षों में बैंक लेनदेन में धोखाधड़ी, नकली दस्तावेजों के माध्यम से धोखाधड़ी और अन्य वित्तीय घोटालों के विभिन्न मामले सामने आए हैं। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से सामने आया है। यहां भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक फर्जी शाखा बनाकर बड़े पैमाने पर बैंकिंग धोखाधड़ी को अंजाम दिया। इस घोटाले में अवैध नियुक्तियां, फर्जी प्रशिक्षण सत्र और बेरोजगार व्यक्तियों और स्थानीय ग्रामीणों दोनों को धोखा देने के लिए विस्तृत व्यवस्थाएं शामिल थीं।
सक्ती जिले के छपोरा नामक गांव में देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई में छह अनजान व्यक्तियों को वैध नौकरियों के लिए भर्ती किया गया था। शाखा सिर्फ 10 दिन पहले खुली थी। इसमें एक वास्तविक बैंक की तरह सबकुछ छा। नया फर्नीचर, पेशेवर कागजात और कामकाजी बैंक काउंटर भी थे। खाता खोलने और लेनदेन के लिए ग्रामीण बैंक पहुंचे। बैंक में नौकरी पाने वाले कर्मचारी भी काफी खुश थे।
वहीं, पास की डबरा शाखा के प्रबंधक ने बैंक शाखा को लेकर संदेह जाहिर किया। इसके बाद 27 सितंबर पुलिस और एसबीआई अधिकारी छपोरा में खुली शाखा में पूछताछ करने के लिए पहुंचे। पूछताछ के बाद पता चला कि यह शाखा एक धोखाधड़ी है और इसमें भर्ती किए गए कर्मचारियों की नियुक्तियां भी फर्जी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी राजेश पटेल ने कहा, ‘डबरा शाखा के प्रबंधक ने हमें छपोरा में चल रहे एक फर्जी बैंक के बारे में अपने संदेह की जानकारी दी। जांच करने पर, यह पुष्टि हुई कि बैंक फर्जी था और कई कर्मचारियों को नकली दस्तावेजों के साथ नियुक्त किया गया था।”
फर्जी एसबीआई बैंक में काम करने के लिए मौके पर छह कर्मचारी मिले। पूछताछ करने पर पता चला कि ऑफलाइन और इंटरव्यू के माध्यम से ज्वाइनिंग लेटर दिया गया था और ट्रेनिंग के लिए छपोरा गांव में खुले एसबीआई बैंक में भेजा गया था। छह कर्मचारी जोकि काम के लिए आए हुए थे। इसमें एक कर्मचारी संगीता कवर ने बताया की बैंक का काम सीखने के लिए ट्रेनिंग को लेकर हम लोग छपोरा आए थे तो पता चला की फर्जी बैंक है। एसडीओपी मनीष ध्रुव ने बताया की रायपुर रीजन मैनेजर की सील और फर्जी दस्तावेज मिला है, जोकि कूट रचना की गई है।
पैसे लेकर फर्जी नौकरी पर लगाया गया, जिसमें संगीता कंवर निवासी कोरबा से 2.50 लाख रुपये, लक्ष्मी यादव निवासी कोरबा दो लाख रुपये, पिंटू मरावी निवासी कवर्धा से 5.80 लाख रुपये, परमेश्वर राठौर निवासी कोरबा से तीन लाख रुपये जोकि रेखा साहू और मनधीर दास जोकि कोरबा के रहने वाले हैं। जिन्हें पैसे देने की जानकारी पुलिस को दी गई है।





