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राइस मिलर एसोसिएशन में दिखी गुटबाजी, एक गुट ने की डिप्टी सीएम और खाद्य मंत्री से मुलाकात, दूसरे ने हड़ताल पर कायम रहने की कही बात

रायपुर। खाद्य विभाग की लगातार कार्रवाई के बाद राइस मिलर एसोसिएशन में दो फाड़ हो गया है। एक गुट ने सोमवार को उप मुख्यमंत्री अरूण साव, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल और स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल से मुलाकात की। छत्तीसगढ़ के सभी जिलों और विशेषकर बड़े चावल उत्पादन केंद्रों से राइस मिलरों के प्रतिनिधिमंडल इसमें शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी हमारे प्रतिनिधिमंडल ने मिल कर उन्हें राइस मिलरों की समस्याओं से अवगत कराया है। राज्य सरकार को मिलरों की तरफ से हमने प्रतिवेदन दिया था। हमारी जितनी भी मांगें थी, उसे शासन द्वारा संवेदनशीलता के साथ सुना गया। सरकार ने हमारी मांगों पर सकारात्मक रूप से विचार करने का आश्वासन दिया है। छत्तीसगढ़ के राइस मिलर शासन के आश्वासन से पूरी तरह संतुष्ट हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा, प्रदेश में कुछ निहित स्वार्थी समूह लगातार किसान और मिलरों के विषय में भ्रम फैलाने में लगे थे। आज की बातचीत के बाद उस भ्रम का पूरी तरह से निवारण हो गया है। किसानों के हित में हम सरकार के साथ खड़े हैं। शासन द्वारा खरीदे गए धान का दाना-दाना मीलिंग करने हम प्रतिबद्ध है। प्रदेश की जनता के हित में सभी मिलर काम पर जुट गए हैं। धान का उठाव शुरू हो गया है। हम अपनी हड़ताल समाप्त करने की घोषणा करते हैं। राइस मिलरों ने अपनी तीन मांगों को लेकर हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने बताया कि एसोसिएशन अपने स्टैण्ड पर कायम है। मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। खाद्य विभाग की टीम द्वारा मिलरों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है. इससे मिलर्स नहीं टूटेंगे।

खाद्य विभाग से अनुबंध एवं धान उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव नहीं करने वाले मिलों पर प्रशासन अब सख्त रवैया अपना रहा है। इस मामले में प्रशासन की टीम ने एक दिन पहले दो राइस मिलरों पर कार्रवाई करते हुए उनकी मिलों को सीलबंद किया था, वहीं दूसरे दिन सोमवार को तीन और राइस मिलों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सीलबंद किया है। जिला कलेक्टर के निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम ने धरसींवा, खरोरा व तिल्दा क्षेत्र में संचालित राईस मिलों की जांच की। इस दौरान अनुबंध, धान उठाव समेत कई बिंदुओं पर जांच की गई। यह जांच महामाया राइस मिल खरोरा, लड्डू गोपाल राइस मिल नवापारा, गोयल एनर्जी राइस मिल खरोरा, मां संतोषी राइस मिल धरसींवा एवं रानू गांधी राइस तिल्दा में की गई। इस जांच में महामाया, मां संतोषी एवं रानू गांधी राइस मिल में अनियमितता पाई गई। इस पर इन तीनों पर कार्रवाई करते हुए उनकी मिल को सीलबंद की गई। इस कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग, खाद्य विभाग एवं पुलिस विभाग की टीम भी मौजूद रही।

योगेश अग्रवाल का ये है कहना

राइस मिलरों ने अपनी तीन मांगों को लेकर हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने बताया कि एसोसिएशन अपने स्टैण्ड पर कायम है। मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। खाद्य विभाग की टीम द्वारा मिलरों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, इससे मिलर्स नहीं टूटेंगे।

प्रतिनिधि मंडल ने कहा, यह तय किया गया है कि आने वाले समय में राइस मिलरों की मांगों को मंच देने हम संभागीय टीम बनायेंगे। यह टीम समय- समय पर चर्चा कर मिलरों की समस्याओं से शासन को अवगत कराएगी। सभी राइस मिलर एकजुट हैं। हम शासन तक अपनी बात पहुँचाने के लिए सक्षम हैं। किसी तीसरे पक्ष को हमारे मामले में दखल देने की आवश्यकता नहीं है। खाद्य विभाग रायपुर अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि, नियम का पालन नहीं करने एवं अनियमितता पाए जाने पर मिलों पर कार्रवाई की जा रही है। दो दिन में जांच पर 5 मिलों को सीलबंद किया है। यह जांच आगे भी जारी रहेगी।

इधर मिलरों के द्वारा धान का उठाव नहीं किए जाने से धान खरीदी केंद्रों में बफर लिमिट से दो से तीन गुना अधिक धान डंप हो गया है। धान रखने की जगह न होने के कारण अधिकतर केंद्रों में खरीदी बंद कर दी गई है। मार्कफेड द्वारा संग्रहण केंद्रों के लिए उठाव किया जा रहा है, लेकिन यह काफी नहीं है। आने वाले दिनों में उठाव नहीं हुआ, तो खरीदी पूरी तरह से बंद होने के आसार हैं।

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