हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी मजदूरों को नहीं मिला हक, सालों से भटक रहे ग्रेच्युटी के लिए

बिलासपुर जिले के तोरवा स्थित पुराना पावर हाउस में स्थित रिफेक्ट्री कंपनी में कई वर्षों तक कठिन मेहनत करने वाले आधा दर्जन से अधिक बुजुर्ग मजदूर पिछले एक दशक से अपनी ग्रेच्युटी की राशि के लिए भटक रहे हैं। इन मजदूरों का आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों की मनमानी के कारण उन्हें उनकी मेहनत की कमाई नहीं मिल रही।
मीडिया से बात करते हुए घनश्याम रजक ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बावजूद अधिकारी उन्हें बार-बार गुमराह कर रहे हैं। वहीं, शकुन बाई ने दुख जताते हुए कहा कि वे 15 साल से अपनी मेहनत की कमाई का हक पाने के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
सुखऊराम निषाद ने बताया कि वे एक महिला मजदूर के रूप में सेठ मंगल सिंह के यहां लोहा ईंट बनाने का काम करती थीं, लेकिन कंपनी मालिक ने उनकी ग्रेच्युटी की रकम नहीं दी। अब ये सभी मजदूर न्याय की आस में दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
यह मामला मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की जरूरत को उजागर करता है और प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़ा करता है। इन मजदूरों की मुश्किलों को हल करने के लिए जल्द से जल्द कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
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