बोर्ड परीक्षा उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन जारी, शिक्षकों की कमी बनी बड़ी चुनौती

बिलासपुर। जिले में बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम तेजी से जारी है, लेकिन शिक्षकों की कमी इस प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है। महारानी लक्ष्मीबाई विद्यालय और कन्या शाला सरकंडा को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है, जहां बड़ी संख्या में उत्तर पुस्तिकाओं की जांच हो रही है।
शिक्षकों की कमी बनी बड़ी समस्या
शिक्षा विभाग ने 17 अप्रैल तक दो लाख उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का लक्ष्य रखा है। हालांकि, त्योहारों की वजह से कई शिक्षक अनुपस्थित हैं, जिससे काम धीमा हो गया है। खासतौर पर हिंदी और अंग्रेजी विषयों के परीक्षकों की कमी महसूस की जा रही है।
सरकंडा केंद्र में व्यावसायिक विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन अन्य विषयों का मूल्यांकन अभी जारी है।
शिक्षकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश
जिला शिक्षा अधिकारी अनिल तिवारी ने बताया कि जिले में पांचवीं और आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं भी चल रही थीं, जिसके कारण कई शिक्षकों को परीक्षा केंद्र अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। अब इन परीक्षाओं के समाप्त होने के बाद अधिकारियों ने निर्देश दिया है कि मूल्यांकन केंद्रों में अधिक शिक्षक भेजे जाएं, ताकि समय पर काम पूरा हो सके।
शिक्षा विभाग ने आश्वासन दिया है कि अगले कुछ दिनों में अतिरिक्त शिक्षक बुलाकर मूल्यांकन कार्य को तेज किया जाएगा। जिन विषयों में शिक्षकों की कमी है, वहां अन्य स्कूलों से परीक्षकों को बुलाया जा रहा है।
विभागीय अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं ताकि मूल्यांकन कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा हो सके।





