छत्तीसगढ़ के दिव्यांग किशोर की मंडला में पिटाई के बाद मौत, पुलिस ने हादसा बताया; भीड़ पर एफआईआर

मध्यप्रदेश के मंडला जिले में बच्चा चोरी की अफवाह के बीच एक दिव्यांग किशोर की पिटाई और संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। घटना 26 फरवरी की है, जब बरखेड़ा गांव में ग्रामीणों ने 17 वर्षीय अमरलाल को बच्चा चोर समझकर पकड़ लिया और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। अगले दिन सुबह उसका शव सड़क किनारे मिला।
मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के कुकरापानी गांव निवासी अमरलाल के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार वह मानसिक रूप से दिव्यांग था और कुछ समय पहले घर से लापता हो गया था। सूचना मिलने पर परिजन मंडला पहुंचे और शव की पहचान की।
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ग्रामीणों को किशोर को घेरकर मारते, बाल पकड़कर जमीन पर पटकते और डंडों से पीटते देखा जा सकता है। वीडियो में किशोर की चीखने-रोने की आवाज भी सुनाई दे रही है। ग्रामीण उससे नाम पूछते नजर आते हैं।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और किशोर को ग्रामीणों से छुड़ाकर अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में किशोर मानसिक रूप से कमजोर प्रतीत हुआ। इलाज के दौरान वह अस्पताल से चला गया था। इसके बाद आशंका है कि किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से उसकी मौत हो गई।
अगली सुबह 10:35 बजे एनएच-30 पर ग्राम गुनेरा के पास सड़क किनारे शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पुलिस का कहना है कि किसी बड़े वाहन से टक्कर की संभावना है और अज्ञात वाहन के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है।
घटना के बाद कई सवाल खड़े हुए हैं, जिनमें अस्पताल से किशोर के निकलने की परिस्थितियां, सुरक्षा व्यवस्था और हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने भीड़ द्वारा मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। अधिकारियों ने अपील की है कि किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर पुलिस को सूचना दें। कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





