लव जिहाद और धर्मांतरण पर कठोर कार्रवाई की मांग, खुले में मांस विक्रय पर प्रतिबंधित का आग्रह

बिलासपुर
छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण बड़े पैमाने पर हो रहा है, जिसमें कई लोग प्रलोभन, लालच या छलकपट के कारण धर्म परिवर्तन कर रहे हैं। ये लोग अपने परिवार और समाज पर भी धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बना रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप पारिवारिक संबंधों में टूटन और सामाजिक विद्वेष बढ़ रहा है।
हिंदूवादी संगठनों का आरोप और कार्रवाई की मांग:
बुधवार को हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोगों ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए जानकारी दी कि ईसाई समाज द्वारा जगह-जगह बड़े आयोजन और सभाएं आयोजित कर भोले-भाले लोगों को बहलाकर फुसलाकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। वन्दे मातरम् मित्र मण्डल ने पुलिस प्रशासन से इस पर रोक लगाने की बार-बार अपील की है, लेकिन धर्मांतरण पर प्रभावी कानून न होने के कारण प्रशासन उचित कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
संगठनों ने लव जिहाद की घटनाओं में भी वृद्धि की ओर इशारा करते हुए बताया कि हिंदू बेटियां इन जेहादियों का शिकार बन रही हैं। वे नादान बेटियों को अपने मायाजाल में फंसा कर उनका शारीरिक और मानसिक शोषण कर उनका धर्म परिवर्तन कराते हैं और उनसे शादी करते हैं। बाद में, इन बेटियों को शारीरिक यातनाएं दी जाती हैं और कई मामलों में उनकी हत्याएं भी हो चुकी हैं।
वन्दे मातरम् मित्र मण्डल ने बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में कई बेटियों को लव जिहाद का शिकार होने से बचाया गया है और उनके विवाह संपन्न कराए गए हैं। संगठन ने इस मामले में कठोर कानून बनाने की मांग की है, जिसमें मृत्यु दंड का प्रावधान हो, ताकि हिंदुओं को इन कुटिल चालों से मुक्ति मिल सके और उन्हें सुरक्षा और सम्मान का एहसास हो सके।
खुले में मांस विक्रय पर कड़ी कार्रवाई की मांग:
प्रदेश के लगभग सभी शहरों में जगह-जगह मांस की दुकानें संचालित हैं और खुले में मांस बेचा जाता है, जिससे शाकाहारी लोगों की भावनाएं आहत होती हैं। यह मुद्दा खासतौर पर उन लोगों के लिए चिंता का कारण है जो शाकाहारी हैं और अपनी धार्मिक आस्थाओं के चलते मांस का सेवन नहीं करते हैं।
इस स्थिति को सुधारने के लिए वन्दे मातरम् मित्र मण्डल ने सरकार से आग्रह किया है कि मांस विक्रय हेतु ऐसे स्थानों का निर्धारण किया जाए जहां पर मांस की बिक्री की जाए और खुले में मांस विक्रय पर रोक लगाई जाए। इस कदम से शाकाहारी लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जा सकेगा और सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखा जा सकेगा।