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समायोजन की मांग को लेकर बीएड डिग्रीधारियों का प्रदर्शन, सरकार से मांगा रोजगार

बिलासपुर: राज्य सरकार के नए नियमों के कारण बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों का भविष्य अनिश्चितता में आ गया है। सरकार ने हाल ही में फैसला लिया कि बीएड डिग्रीधारी केवल मिडिल स्कूलों में पढ़ा सकते हैं, जिसके चलते प्राथमिक स्कूलों में सेवाएं दे रहे कई शिक्षकों की नौकरी खत्म हो गई। इस फैसले के खिलाफ बीएड डिग्रीधारी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और अपनी समायोजन की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं।

शुक्रवार को इसी कड़ी में बिलासपुर में बीएड डिग्रीधारियों ने गांधी चौक से भव्य रैली निकाली। यह रैली पुराना हाईकोर्ट, पुराना बस स्टैंड, टेलीफोन एक्सचेंज, अग्रसेन चौक, सत्यम चौक होते हुए नेहरू चौक तक पहुंची। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे सिर्फ अपनी मांग राज्य शासन तक पहुंचाना चाहते हैं और यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण है। हालांकि, पुलिस ने कई जगहों पर रैली को रोकने की कोशिश की, लेकिन शिक्षक अपनी मांग को लेकर अडिग रहे।

रोजगार की मांग, सरकार से समायोजन की अपील

प्रदर्शनकारी बीएड डिग्रीधारियों का कहना है कि वे किसी अन्य विभाग में समायोजन चाहते हैं ताकि उनकी रोजी-रोटी बनी रहे। उनका तर्क है कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कई पद खाली हैं और अगर सरकार चाहे, तो उनकी नियुक्ति वहां कर सकती है।

प्रदर्शन कर रहे एक शिक्षक ने कहा, “हमारी गलती क्या है? हमने सरकार के नियमों के हिसाब से बीएड किया और सालों से बच्चों को पढ़ा रहे थे। अब अचानक से हमें नौकरी से निकाल दिया गया। अगर सरकार ने हमें निकाला है, तो हमें कहीं और समायोजित भी करे।”

प्रधानमंत्री के दौरे से पहले प्रदर्शन

प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि चूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही बिलासपुर आ रहे हैं, वे अपने प्रदर्शन के माध्यम से उनकी ओर ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। उनका मानना है कि अगर केंद्र सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करे, तो समाधान निकल सकता है। लेकिन प्रदर्शनकारियों को इस बात की नाराजगी है कि सरकार उनकी मांगों को अनदेखा कर रही है और उन्हें प्रदर्शन करने से भी रोका जा रहा है।

सरकार की चुप्पी, शिक्षकों में आक्रोश

बीएड डिग्रीधारियों का यह आंदोलन अब सिर्फ रायपुर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्य के हर जिले में फैल रहा है। सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं आया है, जिससे शिक्षकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि अगर जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। उनका एक ही मकसद है—रोजगार की सुरक्षा, ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें। अब देखना होगा कि सरकार उनकी मांगों पर क्या रुख अपनाती है।

 

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