मृत घोषित युवक निकला जिंदा, जशपुर के अधजले शव मामले ने लिया चौंकाने वाला मोड़

जशपुर। सिटी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पुरनानगर के तुरीटोंगरी में करीब दो महीने पहले मिले अधजले शव के मामले में बड़ा और हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड में जिस युवक को मृत बताया गया था, वही युवक सीमित खाखा जिंदा मिला है। वह झारखंड के हजारीबाग इलाके में मजदूरी कर रहा था।
18 अक्टूबर को तुरीटोंगरी इलाके में एक गड्ढे में युवक का अधजला शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। शव की हालत काफी खराब थी और पहचान मुश्किल थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हत्या बताया गया, जिसके बाद सिटी कोतवाली जशपुर में बीएनएस की धारा 103(1) और 238(क) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
शव की पहचान न होने के कारण पुलिस ने आसपास के थानों में फोटो भेजे, गुमशुदा लोगों की जानकारी जुटाई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी दौरान जानकारी मिली कि ग्राम सिटोंगा निवासी सीमित खाखा कुछ समय पहले अन्य युवकों के साथ झारखंड मजदूरी करने गया था।
इसके बाद मृतक की पहचान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के सामने कराई गई। परिजनों ने शव को सीमित खाखा का बताकर पहचान स्वीकार की। पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए गए।
लेकिन हाल ही में सीमित खाखा खुद अपने गांव सिटोंगा वापस लौट आया। उसे जिंदा देखकर परिवार और गांव वाले हैरान रह गए। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना सिटी कोतवाली पुलिस को दी। पूछताछ में सीमित खाखा ने बताया कि वह पिछले कुछ महीनों से झारखंड के हजारीबाग में काम कर रहा था।
मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि अब अधजले शव की वास्तविक पहचान के लिए राजपत्रित अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम बनाई गई है। पहले की गई कार्रवाई परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर थी। फिलहाल पूरे मामले की दोबारा जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
इस घटना के बाद पुलिस जांच पर भी सवाल उठने लगे हैं और अब यह मामला एक रहस्य बन गया है कि आखिर अधजला शव किसका था।





