रायपुर हादसे में 3 सफाईकर्मियों की मौत, मैनुअल स्कैवेंजिंग का मामला बताया गया

रायपुर के एक निजी अस्पताल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन सफाईकर्मियों की मौत के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय स्तर के एक आयोग के उपाध्यक्ष ने इस घटना को मैनुअल स्कैवेंजिंग का मामला बताते हुए इसे कानूनन प्रतिबंधित प्रथा के बावजूद कराया गया कार्य बताया है।
घटना के बाद अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मामले में संबंधित कानूनों के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह भी कहा गया है कि जिम्मेदारी तय करते समय किसी भी स्तर के व्यक्ति को नहीं बख्शा जाना चाहिए।
इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन के साथ बैठक भी की गई। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने और नियमों को पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
मृतकों के परिवारों में इस घटना के बाद गहरा शोक है। परिजनों का कहना है कि उन्हें काम के दौरान जोखिम के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। कई परिवारों में कमाने वाले सदस्य की मौत से आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
नगर निगम ने इस घटना के बाद स्पष्ट किया है कि मैनुअल स्कैवेंजिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
इस घटना ने एक बार फिर से सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई में सुरक्षा मानकों और कानूनों के पालन को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।





