Dear Lady: अंडमान की डियर लेडी का 25 साल का सफर पूरा, पढ़े इंसानों और वन्यजीवों के बीच विश्वास बनाने की कहानी

पोर्ट ब्लेयर। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के हरे-भरे प्राकृतिक सौंदर्य में, जहां आकाश और समुद्र मिलते हैं और प्रकृति का राज चलता है, एक महिला ने वन्यजीवों के साथ सहानुभूति और सामंजस्य का प्रतीक बनकर सबका दिल जीत लिया है।

हम बात कर रहे है अनुराधा राव की है। अनुराधा राव को डियर लेडी कहा जाता है। अनुराधा राव, जो इस द्वीप की चौथी पीढ़ी से ताल्लुक रखती हैं, को “मृग महिला” का सम्मान मिला है। यह उपनाम उनके और द्वीप के मृगों के बीच बने अनोखे रिश्ते से जुड़ा हुआ है। अनुराधा ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा,
“मैं इस द्वीप की चौथी पीढ़ी से हूं। मेरे पितृ और मातृ पक्ष के पूर्वज स्वतंत्रता से पहले यहां बंदी बनकर आए थे। मैं यहां छोटी बच्ची के रूप में आई और यहां के मृगों को खाना देती थी… मेरे और इस द्वीप के मृगों के बीच एक गहरा संबंध था।”
“मृग महिला” का उपनाम अनुराधा ने कभी नहीं चाहा, यह उन्हें उनके कामों के जरिए मिला है। जहां एक तरफ इंसान और जानवरों के बीच संघर्ष की खबरें आम हैं, वहीं अनुराधा राव का मृगों के साथ शांतिपूर्ण और प्रभावशाली संबंध यह दर्शाता है कि जब इंसान और प्रकृति एक साथ मिलकर रहते हैं, तो कितनी सुंदरता उत्पन्न हो सकती है।
25 साल का समय दिया, अब हिरण इंसानों से नहीं डरते
अनुराधा ने बताया, “मेरे पास दो मृग हैं जो 17 साल के हैं, और उनका वजन क्रमशः 70 और 75 किलोग्राम है। 25 वर्षों तक मृगों का विश्वास जीतने के लिए उन्हें समय दिया, उन्हें भोजन दिया, और उनके व्यवहार को समझा। आज, अंदमान और निकोबार द्वीप समूह के मृग अब इंसानों से डरते नहीं हैं जैसे पहले डरते थे।”





