Daughters become inspiration: संघर्ष से शिखर तक, बिलासपुर की बेटियों ने रचा सफलता का इतिहास.
सीमित संसाधन, असीम हौसला से बनी सिविल जज, दूसरी ने जीते 5 गोल्ड मेडल

बिलासपुर की दो बेटियों ने यह साबित कर दिया (Daughters become inspiration) है कि मजबूत इरादों और निरंतर मेहनत के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जो पूरे शहर के लिए प्रेरणा बन गई है…..

बिलासपुर की बेटियों ने रचा सफलता का इतिहास. (Daughters become inspiration)
उस्लापुर निवासी स्वाति पैंकरा का चयन व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ श्रेणी परीक्षा 2024 में हुआ है। उन्होंने डीपी विप्र लॉ कॉलेज से बीए-एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने के साथ ही सिविल जज परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। रोजाना 6 से 7 घंटे की नियमित पढ़ाई और नए कानूनों की विशेष तैयारी ने उन्हें पहले ही प्रयास में सफलता दिलाई।
मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने पूरी एकाग्रता के साथ साक्षात्कार की तैयारी की। कुछ समय पहले तक वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत पैरा लीगल वालंटियर के रूप में भी कार्यरत थीं, लेकिन लक्ष्य पर पूरा ध्यान केंद्रित करने के लिए उन्होंने वह जिम्मेदारी छोड़ दी। अब उनकी यह उपलब्धि युवाओं के लिए मिसाल बन गई है……
वहीं संध्या कौशिक ने शैक्षणिक उत्कृष्टता की नई मिसाल कायम की है। 12वीं बोर्ड परीक्षा में स्टेट टॉपर रहने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और अब तक कुल 5 गोल्ड मेडल प्राप्त किए हैं। बिना किसी कोचिंग के, नियमित कक्षाओं में उपस्थिति और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। वर्तमान में वे रेडियोलॉजी में पीजी कर रही हैं। दोनों बेटियों की इस सफलता ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे शहर को गौरवान्वित किया है…..





