91 लाख की ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, रायगढ़ पुलिस ने तीन आरोपी किए गिरफ्तार

रायगढ़। पुलिस ने एक बड़ी साइबर ठगी का खुलासा करते हुए तीन अंतरराज्यीय आरोपियों को उत्तराखंड के देहरादून से गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने खरसिया के बोतल्दा इलाके के एक प्लांट कर्मचारी से 91 लाख रुपये की ठगी की थी। ये कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज डॉ. संजीव शुक्ला और पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के निर्देशन में की गई।

जानकारी के अनुसार पीड़ित राजेश गबेल को फरवरी 2024 में एक वॉट्सऐप लिंक के जरिए एक फर्जी शेयर ट्रेडिंग ग्रुप में जोड़ा गया था। आरोपियों ने उसे ‘समारा प्रो एप’ नाम का एक नकली ट्रेडिंग एप डाउनलोड करवाकर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया। धीरे-धीरे उससे 91 लाख रुपये निवेश करवा लिए, लेकिन जब पैसे वापस नहीं मिले तब उसे ठगी का एहसास हुआ।

मामले की शिकायत खरसिया थाने में दर्ज होने के बाद, प्रशिक्षु आईपीएस हर्षित मैहर के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। जांच में पता चला कि रकम देहरादून के खातों में भेजी गई है। पुलिस टीम देहरादून पहुंची और वहां से शेखर थपलियाल, कुलदीप सिंह रावत और मुख्य आरोपी आशीष अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आशीष अग्रवाल अलग-अलग लोगों से बैंक खातों और मोबाइल नंबर किराए पर लेकर उन्हें फर्जी निवेश योजनाओं में इस्तेमाल करता था। इस गिरोह के खिलाफ उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में 55 से ज्यादा ऑनलाइन ठगी के मामले दर्ज हैं और करीब 6 करोड़ रुपये का लेनदेन सामने आया है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाकर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने इनके पास से 3 मोबाइल, बैंक चेकबुक और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए हैं। मामले की जांच जारी है।

इस पूरे ऑपरेशन में एसपी दिव्यांग पटेल, एडिशनल एसपी आकाश मरकाम, डीएसपी अनिल विश्वकर्मा, एसडीओपी प्रभात पटेल और प्रशिक्षु आईपीएस हर्षित मैहर के साथ उनकी टीम के सदस्यों ने सराहनीय भूमिका निभाई।

गिरफ्तार आरोपी:

1. शेखर थपलियाल, उम्र 34 वर्ष

2. कुलदीप सिंह रावत, उम्र 39 वर्ष

3. आशीष अग्रवाल, उम्र 34 वर्ष

(तीनों निवासी देहरादून, उत्तराखंड)

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