महाशिवरात्रि पर छत्तीसगढ़ के मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए मंदिरों में सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। रायपुर और आसपास के मंदिरों में श्रद्धालु सुबह 4 बजे से दर्शन के लिए कतार में खड़े दिखाई दिए। राजिम कुंभ कल्प में ब्रह्म मुहूर्त में श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई और उसके बाद भगवान श्री कुलेश्वरनाथ के दर्शन के लिए लंबी कतारों में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने प्रवास के दौरान देर रात ग्राम कोसमनारा स्थित श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचे। उन्होंने धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ भगवान भोलेनाथ और श्री सत्यनारायण बाबा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
राजिम के भूतेश्वर नाथ मंदिर में एक दिन पहले से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। आज मंदिर से बाबा भूतेश्वर नाथ की पालकी भी निकाली जाएगी। राजनांदगांव के मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ में दुर्लभ स्फटिक के पातालेश्वर महादेव और पारे के पारेश्वर ज्योतिर्लिंग का महारुद्राभिषेक रात 10 बजे से शुरू हुआ। जगदलपुर के दलपत सागर और रायगढ़ के कोसमनारा में भी महाशिवरात्रि का उत्साह देखा गया।
सरगुजा के देवगढ़ में अर्धनारीश्वर शिव की पूजा अर्चना होगी और तीन दिवसीय मेला आयोजित किया गया है। अंबिकापुर में शिव बारात संगम गली से निकलकर महागौरी मंदिर पहुंचेगी, जहां शिव-पार्वती विवाह का आयोजन किया जाएगा।
दुर्ग जिले में भूत, पिशाच, राक्षस और अन्य पात्रों के साथ भगवान शिव की बारात निकलेगी। भिलाई में इस बारात को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। बारात में चार हजार से अधिक राम, रावण, विभिषण, किन्नर, भूत-पिशाच और राक्षस शामिल होंगे।
बिलासपुर में अज्ञेय नगर स्थित शिव मंदिर से भगवान शिव-पार्वती की शोभायात्रा निकाली जाएगी। शहर और गांवों में मंदिरों में जलाभिषेक और विशेष पूजा का आयोजन किया गया है। जगदलपुर के दलपत सागर स्थित महादेव मंदिर और महादेव घाट के मंदिरों में भी श्रद्धालुओं के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
राज्य के सभी प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं।





