विश्वकर्मा जयंती आयोजन में भ्रष्टाचार का खुलासा, आरटीआई से सामने आई बड़ी गड़बड़ी

रायपुर। सरकारी आयोजनों के टेंडर देने में गड़बड़ी और मनपसंद एजेंसी को फायदा पहुंचाने, और भ्रष्टाचार का मामला एक बार फिर सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, जिला श्रम आयुक्त कार्यालय रायपुर ने वर्ष 2024 में हुए विश्वकर्मा जयंती (श्रम सम्मेलन) कार्यक्रम का आयोजन बिना निविदा निकाले सीधे एक ही एजेंसी मेसर्स व्यापक इंटरप्राइजेस को सौंप दिया।

आरटीआई एक्टिविस्ट आशीष देव सोनी द्वारा मांगी गई जानकारी में यह खुलासा हुआ है कि कार्यक्रम के लिए 5000-8000 मजदूरों की व्यवस्था बताई गई थी, लेकिन एजेन्सी ने सिर्फ 4000 कुर्सियां ही लगाईं। बावजूद इसके, एजेंसी को आयोजन के लिए 1 करोड़ 35 लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया। कार्यक्रम में मजदूरों को सिर्फ स्नैक्स उपलब्ध कराया गया जिसकी लागत करीब 3 लाख रुपए थी, जबकि पूरे आयोजन का खर्च करोड़ों में दिखाया गया।

आरटीआई दस्तावेजों से यह भी पता चला कि इस आयोजन में स्मार्ट सिटी लिमिटेड की निविदा दरों का उपयोग किया गया, लेकिन वहां पैनल में शामिल अन्य चार एजेंसियों से कोई प्रस्ताव नहीं मांगा गया और सीधे व्यापक इंटरप्राइजेस को ही काम सौंपा गया।

इससे पहले भी बोरे-बासी और महिला सम्मान जैसे आयोजनों में इसी एजेंसी को करोड़ों का भुगतान किया जा चुका है। इस पर विधानसभा में सवाल उठ चुके हैं और मामले की जांच समिति कर रही है।

आरटीआई के मुताबिक, विभागीय अधिकारियों और एजेंसी के बीच मिलीभगत कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। अब यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है और जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

Show More
Follow Us on Our Social Media
Back to top button