छत्तीसगढ़ में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने छत्तीसगढ़ में अपनी रफ्तार तेज कर दी है। प्रदेश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में मानसून सक्रिय हो चुका है, जबकि उत्तर और उत्तर-पश्चिम के शेष जिलों में अगले 24 घंटों के भीतर इसकी पहुंच होने की संभावना है। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश दर्ज की गई, जबकि दंतेवाड़ा और रायगढ़ में भारी वर्षा हुई। इसके बावजूद प्रदेश में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। 1 जून से अब तक जहां 127.8 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, वहीं केवल 44.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग 65 प्रतिशत कम है।
18 जिलों तक पहुंचा मानसून, कई क्षेत्रों में इंतजार जारी
मानसून फिलहाल रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर समेत 18 जिलों तक पहुंच चुका है।
वहीं सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, जशपुर, कोरबा, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और रायगढ़ सहित कई जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान मानसून के पहुंचने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में प्री-मानसून बारिश हो रही है, लेकिन आधिकारिक तौर पर मानसून की घोषणा अभी नहीं की गई है।
कई जिलों में सामान्य से 80 प्रतिशत तक कम वर्षा
बारिश की स्थिति पर नजर डालें तो बस्तर संभाग में अपेक्षाकृत बेहतर हालात हैं, फिर भी यहां सामान्य से 48 से 54 प्रतिशत तक कम वर्षा दर्ज की गई है। बस्तर जिले में 74.8 मिमी, दंतेवाड़ा में 49.9 मिमी और सुकमा में 60.3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में स्थिति अधिक चिंताजनक बनी हुई है। रायपुर में सामान्य से 72 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि बलौदाबाजार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सक्ती में 83 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है। राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में वर्षा की कमी 90 प्रतिशत से अधिक रही है।
खरीफ फसलों के लिए अगले 10 दिन अहम
मानसून की देरी और कमजोर शुरुआत का असर खेती-किसानी पर भी दिखाई दे रहा है। अधिकांश जिलों में खेतों में अभी तक पर्याप्त नमी नहीं बन पाई है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है।
मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जून के शेष दिनों में अच्छी बारिश होती है तो वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और किसानों को राहत मिलेगी।
राजधानी रायपुर में भी बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।





