रायपुर में ‘शिक्षा संवाद छत्तीसगढ़ 2026’ पर विवाद, इवेंट कंपनी पर वसूली के आरोप

रायपुर में 17 फरवरी को प्रस्तावित ‘शिक्षा संवाद छत्तीसगढ़ 2026’ कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नोएडा स्थित इवेंट कंपनी इलेट्स टेक्नोमीडिया पर आरोप है कि उसने सरकारी पत्र का इस्तेमाल कर कार्यक्रम को सरकारी आयोजन बताकर निजी विश्वविद्यालयों से स्पॉन्सरशिप के नाम पर बड़ी रकम वसूली।
सरकारी पत्र के इस्तेमाल का आरोप
बताया जा रहा है कि कंपनी ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव एस. भारती दासन के नाम से जारी एक पत्र का उपयोग किया। इस पत्र में कार्यक्रम को “फ्री ऑफ कॉस्ट” बताते हुए सरकारी लोगो और लेटरहेड के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी।
आरोप है कि इसी पत्र को दिखाकर प्रदेश की कई निजी विश्वविद्यालयों से फंड जुटाया गया, जबकि कार्यक्रम निजी कंपनी द्वारा आयोजित बताया जा रहा है।
वेबसाइट पर भी प्रमोशन
हैरानी की बात यह है कि कार्यक्रम का प्रचार उच्च शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी किया जा रहा है। कंपनी की वेबसाइट पर भी इसे विभाग के सहयोग से आयोजित बताया गया है, जिससे इसे सरकारी कार्यक्रम माना जा रहा है।
कुलपति का बयान
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति महादेव कावरे ने कहा कि आयोजक उनके पास आए थे और सचिव का पत्र दिखाकर इसे सरकारी कार्यक्रम बताया था।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने मांग की है कि सचिव द्वारा जारी पत्र को तुरंत निरस्त किया जाए और जिन संस्थानों से राशि ली गई है, उसे वापस कराया जाए। उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश में भी इसी कंपनी पर ऐसे ही आरोप लगे थे, जिसके बाद कार्यक्रम रद्द कर दिया गया था।
मंत्री ने दिए जांच के संकेत
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन अब अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए जाएंगे।
वहीं, इवेंट कंपनी के मालिक रवि गुप्ता से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।





