कांग्रेस का खुला संदेश: अब गुटबाजी नहीं चलेगी, एकजुट होकर करना होगा काम

बिलासपुर।बिलासपुर कांग्रेस भवन में आयोजित पदभार ग्रहण समारोह में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने संगठन को लेकर खुलकर आत्ममंथन किया और साफ संदेश दिया कि अब पार्टी में गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंच से जहां संगठन को मजबूत करने की बात हुई, वहीं भाजपा और प्रयागराज में शंकराचार्य से जुड़े विवाद को लेकर भी तीखा हमला बोला गया।
नेताप्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी की कमजोरी की असली वजह गुटबाजी को बताया। उन्होंने दो टूक कहा कि पहले हम राज्य स्तर पर बंटे, फिर जिला और ब्लॉक स्तर पर, इसी वजह से कांग्रेस कमजोर हुई। महंत ने कहा कि सिर्फ नारेबाजी और चापलूसी से राजनीति नहीं चलती। यही आदतें हार की वजह बनीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को “एक रहें और नेक रहें” का मंत्र देते हुए कहा कि बंटवारा ही विनाश की जड़ है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने नए अध्यक्षों को सख्त लहजे में नसीहत दी कि अब संगठन को “फुल टाइम जॉब” की तरह लेना होगा। उन्होंने कहा कि “आधा पार दुकान, आधा पार मकान” वाला रवैया अब नहीं चलेगा। अनुशासन पर जोर देते हुए बैज ने कहा कि आपसी मतभेद हों तो बंद कमरे में सुलझाएं, मीडिया और मंच के सामने तमाशा न बनाएं।
दीपक बैज ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री साय बिलासपुर में ध्वजारोहण के बहाने भाजपा की गुटबाजी को संभालने आ रहे हैं। उन्होंने अमर अग्रवाल को मंत्री न बनाए जाने और केंद्रीय राज्य मंत्री के कथित अपमान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा के अंदर भारी खींचतान चल रही है।
कार्यक्रम में प्रयागराज में शंकराचार्य के साथ हुए व्यवहार को लेकर भी कांग्रेस नेताओं ने कड़ा विरोध जताया। चरणदास महंत, दीपक बैज और टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि यह सिर्फ एक संत का नहीं, बल्कि पूरे सनातन धर्म का अपमान है। नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या अब शंकराचार्य को गंगा स्नान का भी अधिकार नहीं है? दीपक बैज ने कहा कि भाजपा हिंदू होने का प्रमाणपत्र बांटने की कोशिश करती है, जबकि कांग्रेस को किसी से हिंदू होने का सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने नई आबकारी नीति को लेकर भी सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।





