कोरबा में सुशासन तिहार पर कांग्रेस का हमला, कहा- ‘जमीनी स्तर पर विफल है शासन व्यवस्था’

कोरबा। छत्तीसगढ़ सरकार के ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कार्यक्रम केवल सरकारी प्रचार तक सीमित है और जमीनी स्तर पर जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
कोरबा में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान लगाए गए शिविरों में लोगों की शिकायतों का प्रभावी निराकरण नहीं हुआ। उनका दावा है कि बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे कलेक्ट्रेट और जनदर्शन कार्यक्रमों का रुख कर रहे हैं, जिससे सरकारी दावों की वास्तविकता सामने आ रही है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का भरोसा शासन-प्रशासन की व्यवस्थाओं से कम हुआ है। विपक्ष का कहना है कि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय केवल अपनी उपलब्धियों का प्रचार करने में लगी हुई है।
पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्य में बिजली, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं के बंद होने से आम लोगों, विशेषकर ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शासन व्यवस्था प्रभावी ढंग से कार्य नहीं कर रही है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं की जिम्मेदारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर डाल रही है।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी दावा किया कि विकास कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण सत्तारूढ़ दल के भीतर भी असंतोष का माहौल है।
हालांकि, इन आरोपों पर सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकार का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।





