Congress action: कांग्रेस का चुनाव परिणाम के बाद पहली कार्रवाई, त्रिलोक श्रीवास को 6 साल के लिए किया गया निष्कासित

Congress action (बिलासपुर) : बिलासपुर में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस में बड़ी कार्रवाई हुई है। पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोपों के चलते कांग्रेस ने त्रिलोक श्रीवास को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। लगातार पार्टी विरोधी कार्यों में शामिल रहे त्रिलोक श्रीवास पर पहले भी शिकायतें दर्ज होती रही हैं, लेकिन इस बार कांग्रेस ने सख्त कदम उठाया है।
बिलासपुर जिला कांग्रेस कमेटी को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि त्रिलोक श्रीवास कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उनकी पत्नी स्मृति श्रीवास निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में थीं, और त्रिलोक श्रीवास खुद उनके समर्थन में प्रचार कर रहे थे। इतना ही नहीं, उन्होंने नगर निगम चुनाव में भी अपनी भाई की पत्नी को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतारा था और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार किया था। इस खुलाघात और अनुशासनहीनता को देखते हुए पार्टी ने उन्हें 6 साल के लिए निष्कासित करने का फैसला लिया।
त्रिलोक श्रीवास के खिलाफ 2008, 2013, 2018 के विधानसभा चुनावों और 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने की लिखित शिकायतें पहले भी आ चुकी थीं। अब, पंचायत चुनाव में भी उन्होंने कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, जिसके बाद पार्टी ने बड़ा कदम उठाया। जिला कांग्रेस की अनुशंसा पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सर्वसम्मति से उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है।
देश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर बिलासपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा की थी, लेकिन इसके बाद विवाद बढ़ता गया। कांग्रेस प्रत्याशी कल्पना कनेरी ने शिकायत दर्ज कराई कि त्रिलोक श्रीवास अपनी पत्नी स्मृति श्रीवास को चुनाव लड़वा रहे हैं और खुलकर उनके समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। इतना ही नहीं, उनकी प्रचार सामग्री में खुद त्रिलोक श्रीवास की तस्वीरें भी लगाई गई हैं, जिससे पार्टी अनुशासन की धज्जियां उड़ रही हैं। सिर्फ यही नहीं, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष और अन्य दो अधिकृत प्रत्याशियों ने भी त्रिलोक श्रीवास पर खुलाघात करने का आरोप लगाया है।
पहले भी वे विधानसभा और लोकसभा चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ काम कर चुके हैं। अब जिला कांग्रेस कमेटी ने उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है और उनके परिवार के किसी भी सदस्य को कांग्रेस से टिकट न देने की मांग उठाई है। इस फैसले पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की मुहर लग चुकी है।





