छत्तीसगढ़ में शीतलहर का प्रकोप, तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट के आसार

रायपुर|छत्तीसगढ़ के उत्तरी और मध्य इलाकों में कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। सरगुजा और बिलासपुर संभाग के एक-दो जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे सुबह और रात के समय दृश्यता कम रहने की आशंका है।
पिछले 24 घंटों में प्रदेश का अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर रहा। उत्तर प्रदेश और आसपास बने साइक्लोन सर्कुलेशन के असर से कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी जताई गई है।
पेंड्रा-अमरकंटक क्षेत्र शीतलहर की चपेट में है। पेंड्रा में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री और अमरकंटक में 5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कई क्षेत्रों में घना कोहरा छाए रहने से सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है। मैनपाट और सरगुजा संभाग में खुले मैदानों में पाला पड़ने से घास और पौधों पर जमी ओस बर्फ में तब्दील हो गई है।
अंबिकापुर में ठंड से मौत का दूसरा मामला सामने आया है। नए साल की रात श्रीगढ़ इलाके में एक बुजुर्ग की खुले में सोने के दौरान हाइपोथर्मिया से मौत हो गई। इससे पहले दिसंबर में बस स्टैंड पर खुले में सो रहे एक व्यक्ति की भी ठंड से जान जा चुकी है।
कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी दिख रहा है। बीते एक महीने में सरकारी और निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से अधिक मामले सामने आए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक नवजात और छोटे बच्चों में ठंड सहने की क्षमता कम होती है, जिसके चलते गंभीर मामलों में उन्हें एनआईसीयू और एसएनसीयू में भर्ती करना पड़ रहा है।
ठंड बढ़ने के साथ अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी-खांसी, वायरल फीवर और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। शीतलहर को देखते हुए नगर निगम ने कई इलाकों में अलाव की व्यवस्था शुरू की है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से गर्म कपड़े पहनने, बेवजह बाहर न निकलने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।





