महादेव के नाम पर घमासान: भाजपा का कांग्रेस और भूपेश बघेल पर पोस्टर वार, अरुण साव का तीखा हमला

छत्तीसगढ़: की राजनीति इन दिनों गरमाई हुई है। वजह है, महादेव के नाम पर छिड़ा पोस्टर वार। भाजपा ने कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) के ज़रिए तीखा हमला बोला है।
भाजपा द्वारा जारी एक पोस्टर में लिखा गया है-
“फर्क साफ है – एक ने महादेव के नाम पर बेटियों के सिंदूर का बदला लिया, जबकि दूसरे ने महादेव के नाम पर 506 करोड़ का घोटाला किया।”
यह सीधा हमला भूपेश बघेल और उनके कार्यकाल में कथित महादेव ऐप घोटाले को लेकर किया गया है।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने भी दिया बयान
पोस्टर वार के बाद राज्य के डिप्टी सीएम अरुण साव ने भी भाजपा का पक्ष रखते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा,
“कांग्रेस ने महादेव के नाम का दुरुपयोग किया है। उनके शासनकाल में भ्रष्टाचार इतना बढ़ गया कि धार्मिक आस्था तक को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया गया।”
“ऑपरेशन सिंदूर से बेटियों को मिला न्याय”
अरुण साव ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने “ऑपरेशन सिंदूर” के जरिए देश की बेटियों को न्याय दिलाने का काम किया है। उन्होंने कहा,
“ये अभियान सिर्फ महिलाओं के अधिकारों की रक्षा नहीं करता, बल्कि समाज में उनकी स्थिति को भी मज़बूत करता है।”
सावन में आतंकियों को जवाब
डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि भाजपा सरकार ने सावन के पवित्र महीने में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का सख्त जवाब देकर यह साबित किया है कि पार्टी सुरक्षा और आस्था- दोनों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस पर करारा आरोप
अरुण साव ने यह भी कहा कि कांग्रेस सत्ता में बने रहने के लिए सिर्फ भ्रष्टाचार का सहारा लेती रही है, जबकि भाजपा विकास, सुरक्षा और सामाजिक न्याय को प्राथमिकता देती है।
वहीं, कांग्रेस और भूपेश बघेल ने इन सभी आरोपों को राजनीतिक बदले की भावना बताया है। उनका कहना है कि भाजपा सिर्फ ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है और जनता सब देख रही है।
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद तूल
इस विवाद ने तब और जोर पकड़ लिया जब भूपेश बघेल के करीबी चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद से भाजपा लगातार कांग्रेस पर हमलावर बनी हुई है।
महादेव के नाम पर शुरू हुआ यह राजनीतिक विवाद अब भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा टकराव बन चुका है। जहां भाजपा भ्रष्टाचार और सुरक्षा का मुद्दा उठा रही है, वहीं कांग्रेस इसे सियासी साजिश बता रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है।





