धर्मांतरण के झूठे आरोपों को लेकर मसीह समाज का धरना, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

बिलासपुर:देशभर में मसीह समाज ने बढ़ते अत्याचारों के खिलाफ आवाज़ बुलंद की है। राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा और भारत मुक्ति मोर्चा के संयुक्त नेतृत्व में देश के कई हिस्सों में रैलियां और धरने आयोजित किए गए। इसी कड़ी में अंबेडकर चौक (बसपा) में दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक एक बड़ी रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय के लोग शामिल हुए।
समुदाय के लोगों का कहना है कि चर्चों पर हमला किया जा रहा है और धर्मांतरण के झूठे आरोप लगाकर ईसाइयों को परेशान किया जा रहा है। कई मामलों में उन्हें जबरन जेल तक भेजा जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इन घटनाओं के पीछे कुछ संगठनों का हाथ है, जो भारत की विविधता और धर्मनिरपेक्षता को खत्म करना चाहते हैं। ईसाई समुदाय ने आरोप लगाया कि अनुसूचित जातियों, जनजातियों और अल्पसंख्यकों को धर्म के नाम पर निशाना बनाकर उन्हें सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से कमजोर किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों की मांगें:
चर्चों पर हमलों की निष्पक्ष जांच हो
झूठे धर्मांतरण के आरोपों पर रोक लगे
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
संगठन का कहना है कि यह आंदोलन केंद्र और राज्य सरकारों का ध्यान इन गंभीर मामलों की ओर आकर्षित करने के लिए किया गया है। उनका साफ कहना है कि भारत की विविधता ही इसकी ताकत है और इसे बचाने के लिए सभी को एकजुट होना होगा।





