जंगली सुअर शिकार मामले में रिश्वत के आरोप, डिप्टी रेंजर के वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

कोरबा के कटघोरा वनमंडल में जंगली सुअर के शिकार से जुड़े मामले में नया विवाद सामने आया है। वन विभाग की कार्रवाई के बीच रिश्वत लेकर आरोपियों को बचाने के आरोप लगे हैं। मामले को लेकर एक डिप्टी रेंजर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
वायरल वीडियो में लगाए गए गंभीर आरोप
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में डिप्टी रेंजर उषा सोनवानी ग्रामीणों के बीच बैठकर मामले पर चर्चा करती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में वह दावा करती नजर आती हैं कि जंगली सुअर का शिकार करने वाले आरोपियों ने कार्रवाई से बचने के लिए एक फॉरेस्ट गार्ड को डेढ़ से दो लाख रुपये दिए।
वीडियो में डिप्टी रेंजर यह भी कहती सुनाई देती हैं कि शिकार की घटना के बाद उन्हें लोगों की नाराजगी और आलोचना का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी छवि प्रभावित हुई। वहीं कुछ ग्रामीणों ने भी बातचीत के दौरान पैसे के लेन-देन का जिक्र किया।
जंगली सुअर के शिकार पर हुई थी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पसान वन परिक्षेत्र के लैंगा बीट स्थित करी गांव में कुछ ग्रामीणों ने जंगली सुअर का शिकार किया था। इसकी सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई की।
वन विभाग ने वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। साथ ही शिकार में इस्तेमाल की गई सामग्री भी जब्त कर ली गई। विभाग का कहना है कि वन्य जीवों का शिकार पूरी तरह प्रतिबंधित है और ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई की जाती है।
वन विभाग ने दिए जांच के आदेश
वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग हरकत में आ गया है। कोरबा के डीएफओ कुमार निशांत ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी पसान रेंजर मनीष सिंह को सौंपी गई है।
डीएफओ ने कहा है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में कोई कर्मचारी या अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विभाग वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच कर रहा है।





