छत्तीसगढ़ में फिर हुई मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की शुरुआत

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की शुरुआत फिर से हो गयी है। यह योजना राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए है, जिसमें उन्हें मुफ्त में तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे।
2013 में हुई थी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की शुरुआत
मुख्यमंत्री तीर्थ योजना की शुरुआत 2013 में डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल ने शुरू की थी, लेकिन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इसे बंद कर दिया गया था. अब भाजपा सरकार के सत्ता में लौटते ही इसे फिर से बहाल किया गया है.
मुख्यमंत्री साय ने कहा, ‘हमारी सरकार बुजुर्गों की आस्था का सम्मान करती है. तीर्थ यात्रा हर श्रद्धालु का अधिकार है और हम इसे सुनिश्चित कर रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि अयोध्या धाम रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 22,000 से अधिक श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं. सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा का अवसर प्रदान करना है.
आपको बता दें कि पहले इस योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के समय में हुई थी, लेकिन कांग्रेस सरकार के आने के बाद इसे बंद कर दिया गया था। अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने इस योजना को फिर से शुरू कर दिया है।
आज इस योजना के तहत पहली ट्रेन को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह योजना उन बुजुर्गों के लिए है, जिनकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है। इसके अलावा 18 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांगजन, जो यात्रा में सक्षम नहीं हैं, और विधवा महिलाएं भी इस योजना के तहत तीर्थ यात्रा कर सकती हैं।
इस योजना के पहले जत्थे को रामेश्वरम, तिरुपति बालाजी और मदुरई जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे।





