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भारतीय अर्थव्यवस्था में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका- डॉ रमन सिंह

रायपुर। डॉ राधाबाई शासकीय नवीन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ के प्राचार्य डॉ प्रीति मिश्रा के मार्गदर्शन एवं बृजेशनाथ पाण्डेय,अध्यक्ष महाविद्यालय जन-भागीदारी समिति के सहयोग से अर्थशास्त्र एवं भूगोल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में स्वं डॉ विश्वनाथ प्रसाद मिश्रा, विख्यात अर्थशास्त्री की स्मृति में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। जिसका उद्घाटन डॉ रमन सिंह,अध्यक्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा एवं पूर्व मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य आतिथ्य में एवं अध्यक्षता गणेश शंकर मिश्रा (से.नि.भा.प्र.सेवा) पूर्व प्रमुख सचिव छत्तीसगढ़ शासन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

मुख्य अतिथि डॉ रमन सिंह ने महाविद्यालय के विभिन्न विभागों द्वारा बनाए गए मॉडल प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा सभी छात्राओं को प्रोत्साहित किया। मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में डॉ राधाबाई को नमन करते हुए कहा कि, देश की अर्थव्यवस्था सिंधु घाटी सभ्यता से प्रारंभ होकर पुरे विश्व में फैला। आचार्य चाणक्य ने भारतीय व्यवस्था को दिशा प्रदान किया।हम दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था से तीसरा अर्थव्यवस्था बनने के अग्रसर है। इसमें छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका है। छत्तीसगढ़ राज्य अपनी समृद्ध वन संपदा के कारण देश में एक विशेष स्थान रखता है। इसके 44% से अधिक भौगोलिक क्षेत्र में वन हैं,जो राज्य की अर्थव्यवस्था और लाखों लोगों की आजीविका में महत्वपूर्ण योगदान देता हैं। लघु वनोपज ग्रामीण और जनजातीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है,लाखों लोगों को रोजगार और आय प्रदान करता है। छत्तीसगढ़ देश का सबसे बड़ा लघु वनोपज संग्राहक राज्य है।

गणेश शंकर मिश्रा ने राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला के आयोजन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा गया है। वन आश्रित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने से बेरोजगारी दूर होगी। इस शोध संगोष्ठी से जो निष्कर्ष निकलेगा वह नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वनों का पर्यावरण का संरक्षण किया जाए। वन संसाधन के साथ ही आस्था का भी प्रतीक हैं जो उसे संरक्षण प्रदान करता है। महाविद्यालय के प्राचार्य एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ प्रीति मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत कर महाविद्यालय के उपलब्धियों को साझा किया।

संगोष्ठी एवं कार्यशाला के संयोजक डॉ विनोद कुमार जोशी ने स्वं डॉ विश्वनाथ प्रसाद मिश्रा का जीवन परिचय देता हुए कहा कि उन्होंने पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग को नींव तथा मजबूती प्रदान किया। डॉ रुपा सल्होत्रा ने गणेश शंकर मिश्रा का परिचय देते हुए उनके प्रशासनिक उपलब्धियों से अवगत कराया। मुख्य अतिथि डॉ रमन सिंह का परिचय एवं कार्यक्रम का सफल संचालन आयोजक सचिव डॉ श्रद्धा मिश्रा ने किया। संगीत विभाग की छात्राओं ने डॉ शिल्पी सोनी के नेतृत्व में स्वागत गीत,सरस्वती वंदना,राजकीय गीत तथा राष्ट्रीय गीत प्रस्तुत किया। आयोजन सचिव एवं भूगोल विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ नम्रता शर्मा ने आभार व्यक्त किया। अतिथियों को शाल,श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापक, शोधार्थी तथा महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष,वरिष्ठ प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, क्रीड़ाधिकारी,ग्रंथपाल, कार्यालयीन अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रही।

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