छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: कारोबारी विजय भाटिया 4 दिन की रिमांड पर, EOW करेगी गहराई से पूछताछ

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में अब एक और बड़ा मोड़ आया है। इस मामले में आरोपी बनाए गए जाने-माने कारोबारी विजय भाटिया को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने 4 दिन की रिमांड पर लिया है। शनिवार को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किए गए भाटिया के लिए EOW ने 7 दिन की रिमांड की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने 4 दिन की ही मंजूरी दी। अब भाटिया से 6 जून की शाम 5 बजे तक पूछताछ की जा सकेगी।
क्या है आरोप?
EOW का आरोप है कि विजय भाटिया ने राज्य में अवैध शराब कारोबार में बड़ी भूमिका निभाई है। उसके ऊपर यह भी शक है कि उसने अपने व्यापारिक नेटवर्क और रसूख का इस्तेमाल करके करोड़ों रुपये की हेराफेरी की।
जांच एजेंसियों को भाटिया के खिलाफ पहले से ही कई सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर अब उससे पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि उसके पास जो संपत्तियां और बैंक खाते पाए गए हैं, वह उसकी घोषित आय से काफी ज्यादा हैं।
पूछताछ के अहम सवाल
EOW सूत्रों के अनुसार, भाटिया से कुछ प्रमुख सवालों पर पूछताछ की जाएगी, जैसे:
किन शराब विक्रेताओं और सप्लायर्स से उसका संपर्क था?
शराब की अवैध सप्लाई कैसे की जाती थी?
क्या उसे किसी अधिकारी या नेता का संरक्षण मिला हुआ था?
अवैध कमाई को कैसे वैध कारोबार में बदला गया?
क्या इस घोटाले में और कारोबारी या सरकारी अफसर भी शामिल हैं?
शनिवार को जब भाटिया को कोर्ट में पेश किया गया, तब कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात था। बड़ी संख्या में मीडिया और आम लोग भी वहां मौजूद थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने सुनवाई जल्दी पूरी की और रिमांड की मंजूरी दे दी।
क्या है शराब घोटाला?
छत्तीसगढ़ का यह शराब घोटाला एक बड़ा आर्थिक घोटाला है। आरोप है कि सरकारी और निजी लोगों की मिलीभगत से शराब की अवैध बिक्री और कालाबाजारी की गई। सरकारी दुकानों और गोदामों का गलत इस्तेमाल हुआ और इससे करोड़ों का नुकसान हुआ।
इस घोटाले में पहले भी कई अधिकारियों और व्यापारियों से पूछताछ हो चुकी है, और कुछ को गिरफ्तार भी किया गया है। अब भाटिया की गिरफ्तारी के बाद जांच और आगे बढ़ेगी।
EOW का कहना है कि रिमांड के दौरान भाटिया से कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है। अगर पूछताछ में नए नाम सामने आते हैं, तो आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
राज्य की जनता और राजनीतिक गलियारे की नजर इस पूरे मामले पर टिकी हुई है। अब देखना होगा कि भाटिया की पूछताछ से कौन-कौन से नए खुलासे होते हैं और इस घोटाले में और कौन-कौन फंसता है।





