छत्तीसगढ़ में बढ़ी गर्मी, राजनांदगांव सबसे गर्म; तापमान सामान्य से 4 डिग्री ज्यादा, अगले 4 दिन राहत नहीं

छत्तीसगढ़ में गर्मी ने तेजी से दस्तक दे दी है। प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है और गर्मी सामान्य से 2 से 3 डिग्री अधिक बनी रह सकती है।

पिछले 24 घंटों के दौरान राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। फिलहाल पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार से मराठवाड़ा तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो झारखंड, छत्तीसगढ़ और विदर्भ से होकर गुजर रही है। हालांकि इस सिस्टम का प्रदेश में बारिश पर फिलहाल कोई खास असर नहीं पड़ रहा है, इसलिए मौसम शुष्क बना हुआ है। दिन में तेज गर्मी महसूस हो रही है, जबकि सुबह और रात के समय हल्की ठंड का एहसास हो रहा है।

रायपुर में 10 मार्च को हल्की धुंध रहने की संभावना जताई गई है। यहां अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक भी प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई है और फिलहाल किसी तरह की मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अभी कोई सक्रिय सिनोप्टिक सिस्टम नहीं है। इसी कारण अगले दो दिनों तक पूरे राज्य में मौसम शुष्क बना रहेगा और बारिश की संभावना नहीं है।

रायपुर में फरवरी महीने के मौसम की बात करें तो इस दौरान आमतौर पर आसमान साफ रहता है और सतही हवाएं हल्की चलती हैं। हालांकि उत्तर भारत से गुजरने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से कभी-कभी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। फरवरी के आखिरी दिनों में बादल छाने, गरज-चमक और हल्की बारिश की स्थिति भी बन सकती है। कुछ मौकों पर आंधी, ओलावृष्टि और तेज हवाएं भी चलती हैं।

रायपुर में फरवरी महीने में अब तक की सबसे ज्यादा ठंड 9 फरवरी 1893 को दर्ज की गई थी, जब तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। वहीं 28 फरवरी 2009 को सबसे ज्यादा गर्म दिन रहा, जब तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। फरवरी महीने में कभी-कभी मई जैसी गर्मी भी पड़ सकती है।

इतिहास के अनुसार 4 फरवरी 1917 को रायपुर में 24 घंटे के भीतर 57.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी, जो फरवरी के लिहाज से काफी ज्यादा मानी जाती है। वहीं वर्ष 1901 में फरवरी महीने के दौरान कुल 118.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी।

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