Cheating The Passengers: रेलवन एप की 3% राहत या यात्रियों के साथ छल?
रेलवन एप की छूट पर सवाल...

25 से 60 रुपये बढ़े किराए,बदले में 3% छूट यात्री बोले-यह राहत नहीं दिखावा, (Cheating The Passengers)
रेल यात्रियों के लिए रेलवे ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के नाम पर एक नई पहल शुरू की है। अब रेलवन एप के जरिए खरीदे जाने वाले अनारक्षित टिकटों पर यात्रियों को तीन प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह सुविधा 14 जनवरी से पूरे देश में लागू होगी। रेलवे इसे यात्रियों के लिए राहत और सुविधा का कदम बता रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
रेलवे का डिजिटल दांव,किराया बढ़ाकर अब 3% छूट का ढोल…
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस छूट से टिकट काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलेगी और डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा मिलेगा। रेलवन एप से यूपीआई, मोबाइल वॉलेट, नेट बैंकिंग, डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिए अनारक्षित टिकट लेने पर यह तीन प्रतिशत की छूट दी जाएगी। हालांकि यह सुविधा आर-वॉलेट पर लागू नहीं होगी, लेकिन आर-वॉलेट से टिकट लेने पर पहले से मिल रहा तीन प्रतिशत बोनस कैशबैक जारी रहेगा।
पहले जेब पर वार,फिर डिजिटल मरहम रेलवन एप की छूट पर सवाल… (Cheating The Passengers)
लेकिन सवाल यह है कि क्या वाकई यह यात्रियों के हित में बड़ा कदम है, या फिर रेलवे अपने व्यापार को बढ़ाने की रणनीति अपना रहा है। हाल ही में रेलवे ने अनारक्षित और अन्य टिकटों की दरों में लगभग 25 रुपये से लेकर 60 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। यानी टिकटों की कीमतों में करीब 5 से 8 प्रतिशत तक इजाफा किया गया है। इसके बाद अब तीन प्रतिशत की छूट देकर यात्रियों को राहत देने का दावा किया जा रहा है।यात्रियों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में टिकट दरें बढ़ाकर फिर मामूली सी छूट देना ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर है।
बढ़ी हुई दरों के सामने तीन प्रतिशत की छूट न तो जेब पर बोझ कम करती है और न ही असली राहत देती है।अब देखना यह होगा कि रेलवे की यह योजना यात्रियों को वास्तव में कितना फायदा पहुंचाती है, या फिर यह सिर्फ डिजिटल भुगतान के नाम पर अपनी छवि सुधारने और कारोबार बढ़ाने की कोशिश बनकर रह जाती है।





