CG: सूर्य घर योजना का हाल-बेहाल, एक साल बाद भी टारगेट नहीं हुआ पूरा

बिलासपुर। पीएम सूर्य घर सोलर योजना का हाल बेहाल है। अभी तक कुल टारगेट का 1 फीसदी तक भी नही पहुंच सका है। इसका मुख्य कारण प्लांट का महंगा होना, सब्सिडी की स्थिति स्पष्ट न होना और उचित सर्विस न मिलना बताया जा रहा। बिलासपुर रीजन विद्युत क्षेत्र को पीएम सूर्य घर योजना के तहत 20 हजार घरेलू प्लांट लगाने का टारगेट मिला है। विद्युत वितरण कम्पनी के चीफ इंजीनियर की माने तो अभी तक 15000 विद्युत उपभोक्ताओं ने अपने घरों में सोलर प्लांट लगवाने आवेदन किया है।
इनमे से 168 आवेदकों के घरों में प्लांट लगवाए जा चुके वही 20-25 घरों में प्लांट लगाने का कार्य प्रक्रिया में है सप्ताह दस दिन में वहां प्लांट लगाकर प्लांट को शुरू कर दिया गया है।कंज्यूमरो ने रजिस्ट्रेशन तो करा लिया है पर इन्ही सब कारणों से वे इस प्लांट को लगवाने रुचि नही ले रहे। वित्त वर्ष को खत्म होने में अब दो महीने का वक्त बचा है।लेकिन लक्ष्य से काफी पीछे चल रहे बिजली और क्रेडा विभाग को ओस दिशा में तेजी लानी होगी।क्योंकि स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य में तो बिजली विभाग तेजी से कार्य कर रहा है।
लेकिन सूर्य घर बिजली योजना के प्रति उदासीनता कही न कही विभागों की निष्क्रियता को दर्शाता है।जो कही से भी उचित नहीं लगता ।परन्तु विभाग के अधिकारियों की माने तो लक्ष्य के दृष्टिकोण से आवेदन तो आए हैं।लेकिन योजना का लाभ लेने उपभोक्ता सामने नहीं आ रहे हैं।जिससे योजना में कमी दिख रही है। पीएम सूर्य घर योजना मैं जिस तरह से सुस्ती देखी जा रही है वह दर्शाता है कि वर्षों तक विभाग लोगों के घरों में सोलर पैनल नहीं लगता पाएगा क्योंकि अगर 1 साल में 1000 घरों तक भी सोलर पैनल नहीं पहुंच पाया है तो यह समझ जा सकता है कि विभाग के अधिकारी इस योजना के क्रियान्वन पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं।
अधिकारी कुछ भी तर्क दे लेकिन इन योजनाओं को हितग्राहियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उनकी ही होती है ऐसे में इस लाभकारी योजना को संचारिक और लिखित रूप से ना कर अगर घर-घर जाकर मौखिक रूप से समझाया जाए तो ऐसा लगता है कि उपभोक्ता इस समझेंगे और योजना का लाभ लेने आगे आएंगे लेकिन इसमें ना तो बिजली विभाग की दिलचस्पी है और ना ही क्रेड़ा की यही वजह है की योजना लागू होने के बाद भी रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है।





