छत्तीसगढ़ में जमीन के रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के लिए केंद्र की टीम का दौरा, काम की समीक्षा हुई

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार के अधिकारी तीन दिन के दौरे पर हैं। इसी कड़ी में सोमवार को नवा रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में बैठक हुई। इसमें भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के सचिव मनोज जोशी और संयुक्त सचिव कुणाल सत्यार्थी ने जमीन से जुड़े रिकॉर्ड सुधारने और सर्वे का काम जल्दी पूरा करने पर जोर दिया।
बैठक में सचिव ने कहा कि किसानों को सही और समय पर जमीन के दस्तावेज मिले, इसके लिए जमीन की नपती (सर्वे) का काम तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जमीन के मामलों में अनावश्यक देरी न की जाए और लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए।
मनोज जोशी ने सुझाव दिया कि राज्य में अलग-अलग इलाकों में अलग वेंडरों से सर्वे का काम कराया जाए ताकि काम समय पर पूरा हो सके। साथ ही कुछ गांवों को मॉडल गांव बनाकर वहां अच्छा काम किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जमीन के मालिकों के आधार कार्ड, मोबाइल नंबर जैसी जानकारी भी रिकॉर्ड में रखी जाए ताकि उन्हें बैंक से ऋण लेने या जमीन बेचने-खरीदने में आसानी हो।
केंद्रीय सचिव का यह दौरा 14 से 16 जुलाई तक रहेगा। इस दौरान वे यह सुनिश्चित करेंगे कि छत्तीसगढ़ में जमीन के रिकॉर्ड डिजिटल हों, पारदर्शी हों और आम लोगों को आसानी से मिल सकें। इस बैठक से उम्मीद है कि राज्य में चल रहे कामों में और तेजी आएगी और लोगों को समय पर सही सेवाएं मिलेंगी।





