नक्सलियों के गढ़ पूवर्ती में पहली बार पूरी हुई जनगणना, 3 दिन में पूरा हुआ सर्वे

सुकमा जिले का संवेदनशील गांव पूवर्ती अब बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। कभी नक्सली गतिविधियों के लिए चर्चित रहे इस गांव में पहली बार जनगणना का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। खास बात यह है कि पूवर्ती सुकमा जिले का पहला गांव बन गया, जहां जनगणना का प्रथम चरण सबसे पहले पूरा हुआ।
तीन दिन में पूरा हुआ जनगणना कार्य
कोंटा विकासखंड के पूवर्ती गांव में करीब 950 से अधिक आबादी और 234 मकानों का सर्वे किया गया। गांव में दो आंगनबाड़ी केंद्र और एक स्कूल संचालित है। प्रशासनिक टीम ने महज तीन दिनों में घर-घर पहुंचकर जनगणना का काम पूरा किया।
गांव पहले नक्सली गतिविधियों और सुरक्षा बलों की मौजूदगी को लेकर चर्चा में रहता था, लेकिन अब यहां विकास और सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ती दिखाई दे रही है।
भाषा की चुनौती के बीच पूरा किया सर्वे
जनगणना कार्य की जिम्मेदारी संभालने वाले सहायक शिक्षक जवाराम पटेल के सामने स्थानीय गोंडी बोली को समझना बड़ी चुनौती थी। इसके बावजूद उन्होंने स्थानीय शिक्षकों की मदद लेकर हर घर तक पहुंच बनाई और समय पर सर्वे पूरा किया।
कलेक्टर अमित कुमार ने कठिन परिस्थितियों में जिम्मेदारी निभाने पर जवाराम पटेल की सराहना की और इसे अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायक बताया।
बदलती तस्वीर की मिसाल बना गांव
कभी जहां डर और बंदूक की चर्चा होती थी, वहां अब प्रशासनिक पहुंच और विकास कार्यों की बातें हो रही हैं। नक्सली हिड़मा के एनकाउंटर और देवा बारसे के आत्मसमर्पण के बाद प्रशासन के लिए गांव तक पहुंच आसान हुई।
पहली बार हुई जनगणना से गांव की वास्तविक आबादी और बुनियादी स्थिति का आंकड़ा सामने आया है। प्रशासन इसे क्षेत्र में बदलते माहौल और विकास की दिशा में बड़ा कदम मान रहा है।





