CGPSC घोटाला मामले में सीबीआई ने आरती वासनिक के घर मारा छापा, PSC परीक्षा नियंत्रक रह चुकी है वासनिक

रायपुर। CGPSC घोटाला मामले में CBI ने बड़ा एक्शन लिया है। टीम राजनादगांव में CGPSC की परीक्षा नियंत्रक रही आरती वासनिक के ठिकानों पर छापा मारी है। आरती वासनिक के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के साथ करीबी संबंध होने की जानकारी सामने आने के बाद सीबीआई की टीम ने दबिश दी है। जानकारी के मुताबिक जिस दौरान CGPSC भर्ती परीक्षा में घोटाला के आरोप लगे हैं। उस समय आरती वासनिक परीक्षा नियंत्रक थीं ‌। जानकारी के मुताबिक आरती वासनिक CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी की करीबी रही हैं।

पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी की बढ़ी मुश्किलें

CBI की स्पेशल कोर्ट में शनिवार को CGPSC भर्ती घोटाला मामले के आरोपी पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और श्रवण कुमार गोयल को पेश किया गया. दोनों आरोपियों की 14 दिनों की रिमांड पूरी हो गई थी. इस दौरान कोर्ट ने दोनों की रिमांड 20 दिसंबर तक बढ़ाते हुए रायपुर की सेंट्रल जेल में रखने के आदेश दिया ।

ये है पूरा मामला

साल 2019 से 2022 तक हुई CGPSC भर्ती में कुछ अभ्यर्थियों के चयन को लेकर विवाद है. साल 2021 में CGPSC की ओर से कुल 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया था, जबकि 2020 में 175 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा हुई थी. इन परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और अनियमितता की शिकायत के बाद जांच की जा रही है । टामन सिंह सोनवानी राज्य लोक सेवा आयोग के चेयरमैन बनने से पहले मुख्यमंत्री सचिवालय के सेक्रेट्री और डायरेक्टर एग्रीकल्चर रह चुके हैं । वह 2004 बैच के IAS अफसर हैं। वह नारायणपुर और कांकेर जिले के कलेक्टर भी रह चुके हैं। धमतरी जिले के कुरूद विधानसभा के निवासी टामन सिंह 1991 में राज्य प्रशासनिक सेवा में आए थे । साल 2004 में IAS बैच और इसके बाद 2008 में IAS अवॉर्ड मिला है इनको।

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