CG Cabinet Meeting: आबकारी नीति से लेकर शिक्षा, स्टार्ट-अप और स्वास्थ्य तक बड़े फैसलों के संकेत

CG Cabinet Meeting: रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार, 4 फरवरी को राज्य मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। यह बैठक नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में सुबह करीब 11 बजे शुरू होने की संभावना है। बैठक में जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, जिसके बाद कई अहम फैसलों को मंजूरी मिल सकती है।
इससे पहले 21 जनवरी को हुई कैबिनेट बैठक में भी सरकार ने कई बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे।
पिछली कैबिनेट बैठक (3 फरवरी) के प्रमुख फैसले
1. छत्तीसगढ़ आबकारी नीति 2026-27 को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ आबकारी नीति के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। साथ ही इससे संबंधित सभी अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया गया।
2. नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर का शैक्षणिक संस्थान
नवा रायपुर अटल नगर में नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान (NMIMS) की स्थापना के लिए श्री विले पारले कलावणी मंडल (SVKM) को सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ भूमि 90 वर्षों की लीज पर आबंटित करने की मंजूरी दी गई।
SVKM वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत एक प्रतिष्ठित संस्था है। इसके अंतर्गत देशभर में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित हैं, जहां हर वर्ष एक लाख से अधिक छात्रों को शिक्षा प्रदान की जाती है। वर्ष 2025 की NIRF यूनिवर्सिटी रैंकिंग में संस्था को 52वां स्थान प्राप्त हुआ है। इस संस्थान की स्थापना से राज्य में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी।
3. नवा रायपुर में चार नए उद्यमिता केंद्र
मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में चार नवीन उद्यमिता केंद्र स्थापित करने के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू करने का निर्णय लिया।
इन केंद्रों के माध्यम से एआई, मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट एग्री जैसे क्षेत्रों में अगले तीन से पांच वर्षों में 133 स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास (ESDED) केंद्र के माध्यम से प्रति वर्ष 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप्स और एमएसएमई को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

4. सरकारी अस्पतालों में जांच सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण
राज्य के सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं सुनिश्चित करने, संसाधनों को मजबूत करने और जांच की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक निर्णय लिए गए हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।





