बसपा:मायावती ने जातिगत जनगणना की मांग की, खुद को बताया ‘आयरन लेडी’

बसपा:बहुजन समाज पार्टी(बसपा) प्रमुख मायावती ने जातिगत जनगणना को जरूरी बताते हुए कहा कि यह देश और समाज के समुचित विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इस दिशा में शीघ्र निर्णय लिया जाए। मायावती ने यह भी बताया कि संसदीय समिति ने भी इस मुद्दे पर चिंता जाहिर की है, जिससे इसकी महत्ता स्पष्ट होती है।
बसपा संस्थापक कांशीराम की 91वीं जयंती के अवसर पर मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी समाज के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने स्वयं को ‘आयरन लेडी’ बताते हुए कहा कि बसपा केवल वादों पर भरोसा नहीं करती, बल्कि ठोस कार्यों के माध्यम से समाज की सेवा करती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उत्तर प्रदेश की जनता उनकी सरकार के कार्यों से भली-भांति परिचित है।
मायावती ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने संविधान में राष्ट्रीय जनगणना का प्रावधान किया था, लेकिन इसे अब तक लागू नहीं किया गया है। उन्होंने इसे सुशासन का एक अहम पहलू बताते हुए सरकार से जल्द से जल्द इसे लागू करने की मांग की।
इसके अतिरिक्त, बसपा सुप्रीमो ने देश में बढ़ती जातिवादी और सांप्रदायिक राजनीति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि संकीर्ण राजनीति के चलते बेरोजगारी, गरीबी और महंगाई जैसी गंभीर समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
मायावती ने बहुजन समाज के लोगों से अपील की कि वे अपने मताधिकार का समझदारी से उपयोग करें और सत्ता की ‘मास्टर चाबी’ अपने हाथों में लें। उन्होंने कहा कि राजनीतिक ताकत हासिल करके ही बहुजन समाज अपने हक और कल्याण से जुड़ी नीतियों को प्रभावी रूप से लागू कर सकता है।





