बिलासपुर: उद्यान बना व्यापारियों के लिए मुसीबत, पार्किंग की मांग तेज

बिलासपुर। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पुराने बस स्टैंड से शिव टॉकीज चौक तक बने उद्यान से व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि इस गार्डन के कारण उनका व्यवसाय ठप हो गया है, क्योंकि ग्राहकों के लिए पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है।
उद्यान की जगह पार्किंग की जरूरत
इस क्षेत्र में पहले से ही कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं, जहां स्थानीय ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों से भी लोग खरीदारी करने आते हैं। लेकिन अब उद्यान बनने के बाद पार्किंग की समस्या गंभीर हो गई है, जिससे ग्राहक यहां आने से बचने लगे हैं। दुकानदारों का आरोप है कि स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने बिना किसी चर्चा या योजना के करोड़ों रुपये खर्च कर यह गार्डन बना दिया, जो उनके लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है।
व्यापारियों में आक्रोश
स्थानीय व्यापारियों ने इस परियोजना को व्यर्थ बताते हुए कहा कि इससे उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ा है। कई दुकानदारों का कहना है कि अगर जल्द कोई समाधान नहीं निकला, तो उन्हें अपनी दुकानें बंद करनी पड़ेंगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उद्यान की जगह पार्किंग बनाई जाए, ताकि ग्राहकों की आवाजाही आसान हो सके और व्यापार फिर से पटरी पर आ सके।
इस मामले में महापौर पूजा विधानी का कहना है कि यह क्षेत्र ग्रीन बेल्ट में शामिल है, इसलिए यहां उद्यान विकसित किया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि व्यापारियों की समस्या को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी और पार्किंग की समस्या का समाधान भी किया जाएगा।
जनता ने उठाए सवाल
इससे पहले भी व्यापार विहार में ऐसा ही एक ऑक्सीजन गार्डन बनाया गया था, जिसकी स्थिति अब सबके सामने है। अब लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या यह नया गार्डन भी वैसी ही दुर्दशा का शिकार होगा? व्यापारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह विकास है, तो यह उनके लिए विनाश साबित हो रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मुद्दे का समाधान कैसे करता है।





