विधानसभा चुनाव से पहले BJP बड़ा झटका: दिनाकरन की पार्टी NDA से अलग

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में हलचल तब बढ़ गई जब टीटीवी दिनाकरन की पार्टी अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) ने बुधवार को एनडीए गठबंधन छोड़ने का ऐलान किया। AMMK दूसरी पार्टी है, जिसने भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए से किनारा किया है। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम भी अपने दल को गठबंधन से बाहर ले जा चुके हैं।
दिनाकरन ने मीडिया से कहा कि उनका आंदोलन विश्वासघात के खिलाफ था। उन्हें उम्मीद थी कि कुछ नेता बदलेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनका सीधा इशारा एआईएडीएमके और पलानीस्वामी की ओर था, जिन्होंने AMMK को गठबंधन में शामिल करने का विरोध किया। दिनाकरन ने दावा किया कि उन्होंने अमित शाह से हस्तक्षेप की उम्मीद की थी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।
गौरतलब है कि AMMK ने 2024 के लोकसभा चुनाव में थेनी और तिरुचिरापल्ली से NDA के हिस्से के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। अब पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह दिसंबर तक नए राजनीतिक गठबंधन पर विचार करेगी। NDA में दरार की वजह से तमिलनाडु में भाजपा की रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं। PMK में भी संगठनात्मक टकराव जारी है और DMDK की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में NDA का वोट बैंक कमजोर हो सकता है।
दिनाकरन ने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव तमिलनाडु के भविष्य का चुनाव होंगे। उन्होंने साफ किया कि उनकी पार्टी अम्मा के कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और सही मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार देने के लिए तैयार है। साथ ही यह भी जोड़ा कि उनकी पार्टी किसी के दबाव में नहीं है और न ही किसी के हाशिये पर जाएगी। दिनाकरन का यह कदम तमिलनाडु की सियासत में नया मोड़ ला सकता है, जहां कई दल स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।





