छत्तीसगढ़ पंचायत विभाग में 100 ट्राइसिकल खरीदी में बड़ा घोटाला, टेंडर में गड़बड़ियों का खुलासा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में बड़े गोलमाल का खुलासा हुआ है। जैम पोर्टल के जरिए की गई खरीदी में 100 ट्राइसिकल में से 71 ट्राइसिकल महासमुंद जिले के छोटे से गांव तेंदूकोना स्थित “बालाजी ट्रेडर्स” से खरीदे गए। बाकी खरीदी गीतांजली एजेंसी, हनुमान कृपा इंटरप्राइजेस, रॉयल वेंचर और सत्या मार्केटिंग से हुई, लेकिन इनमें भी गड़बड़ियां सामने आईं।
टेंडर प्रक्रिया में अजीबोगरीब शर्तें जोड़ी गईं, जैसे फर्नीचर सप्लाई के ठेके के लिए दवा सप्लाई का लाइसेंस मांगना। जांच में सामने आया कि गलत कैटेगरी, ऊंची दरों और गैर-मिलान सर्टिफिकेशन के साथ खरीदी हुई। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग ने इसे भंडार क्रय नियमों और जैम गाइडलाइंस का उल्लंघन माना है।
110 ट्राइसिकल में से 100 पंचायत विभाग, 2 अर्बन और 8 पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए थे। केंद्र सरकार की जांच में पता चला कि सामान बाजार मूल्य से ज्यादा कीमत पर खरीदे गए और अलग-अलग जिलों में एक ही उत्पाद अलग दामों पर लिया गया। यह संकेत देता है कि किसी खास एजेंसी को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर में बदलाव किए गए।
वाणिज्य सचिव रजत कुमार ने पंचायत विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारीक को पत्र लिखकर जांच के निर्देश दिए। तत्कालीन मिशन संचालक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एसआरएलएम) जयश्री जैन को पद से हटा दिया गया और वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में भेजा गया। जैन ने स्वीकार किया कि गड़बड़ी के बाद कुछ जिलों की खरीदी रद्द करवाई गई।
निर्देशों में कहा गया है कि पूरी प्रक्रिया की गहन जांच हो, जैम प्रोटोकॉल की समीक्षा की जाए, अनावश्यक शर्तों से बचा जाए और अधिकारियों को “गोल्डन पैरामीटर्स” पर प्रशिक्षण दिया जाए ताकि भविष्य में ऐसी धांधलियों को पकड़ा जा सके।





