हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: सौम्या और सूर्यकांत तिवारी को मिली राहत, संपत्ति का कर सकेंगे उपयोग

रायपुर। छत्तीसगढ़ कोयला घोटाले में अटैच की गई संपत्तियों को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की डिवीजन बेंच ने आदेश दिया है कि सौम्या चौरसिया, सूर्यकांत तिवारी और उनके परिजन अपनी संपत्तियों का उपयोग कर सकते हैं, हालांकि संपत्तियों की अस्थायी अटैचमेंट जारी रहेगी।
कोयला घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पीएमएलए के तहत 49.73 करोड़ की 100 से अधिक संपत्तियां जब्त की थीं। इसमें बैंक बैलेंस, गाड़ियां, नकदी, जमीन, आभूषण आदि शामिल हैं। इन संपत्तियों के अटैचमेंट को चुनौती देने वाली 10 याचिकाएं हाईकोर्ट में दायर की गई थीं, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ED केवल सह आरोपियों के बयानों के आधार पर कार्रवाई नहीं कर सकती, जब तक पुख्ता दस्तावेज पेश न किए जाएं।
पांच दिन तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को संपत्ति इस्तेमाल की स्वतंत्रता देते हुए याचिकाएं खारिज कर दीं। अब याचिकाकर्ता केस की अंतिम सुनवाई तक संपत्ति का प्रयोग कर सकेंगे। ED की जांच के अनुसार, कोयला परिवहन में ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन कर करीब 570 करोड़ रुपए की वसूली की गई। इस घोटाले में 36 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिनमें 2 पूर्व मंत्री, विधायक, अधिकारी और व्यापारी शामिल हैं।





