छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम में बड़ा बदलाव: अब उद्योग एक ही भूखंड पर कर सकेंगे दोगुना निर्माण

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने औद्योगिक और व्यावसायिक विकास को नई रफ्तार देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में ऐतिहासिक संशोधन किया है। इस बदलाव के बाद राज्य में उद्योगों को एक ही भूखंड पर दोगुना निर्माण की अनुमति मिल गई है। इससे न केवल MSME और स्टार्टअप्स को कम लागत में अधिक जगह मिलेगी, बल्कि यह कदम राज्य को निवेश के एक नए गंतव्य के रूप में उभार सकता है।

क्या है नया संशोधन?

👉 फ्लैटेड इंडस्ट्रीज के लिए एफएआर (FAR) को 1.5 से बढ़ाकर 3.0 कर दिया गया है। यानी अब उद्योग एक ही भूखंड पर दोगुना निर्माण कर पाएंगे।
👉 औद्योगिक प्लॉट्स के लिए ग्राउंड कवरेज 60% से बढ़ाकर 70% किया गया है।
👉 सेटबैक में भी कमी की गई है, जिससे भूमि का अधिकतम उपयोग हो सकेगा।
👉 5 एकड़ या अधिक क्षेत्रफल के भूखंडों, जो 100 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़े हैं, उनके लिए एफएआर 5.0 निर्धारित किया गया है।
👉 अगर ऐसे भूखंड CBD या TOD ज़ोन में आते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त 2.0 FAR की अनुमति दी जाएगी – कुल FAR 7.0 तक।

किसे मिलेगा सबसे ज़्यादा लाभ?

🔹 MSME और स्टार्टअप्स: जिन्हें अक्सर बजट और स्थान की समस्या होती है, अब कम लागत में ज्यादा निर्माण कर सकेंगे।
🔹 निवेशक और उद्यमी: उन्हें भूमि उपयोग का बेहतर अवसर मिलेगा और लागत में कटौती होगी।
🔹 बड़े उद्योग समूह: ज़्यादा उत्पादन क्षमता और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुविधा मिलेगी।
🔹 राज्य की अर्थव्यवस्था: रोजगार में वृद्धि और औद्योगिक विकास के चलते आर्थिक प्रगति को मिलेगा नया आयाम।

सरकार का उद्देश्य

नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के अनुसार, यह संशोधन उद्योग हितैषी नीति के अंतर्गत किया गया है ताकि छत्तीसगढ़ में आधुनिक औद्योगिक एवं व्यावसायिक ढांचे का निर्माण हो सके। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में निवेश, रोजगार सृजन और समग्र आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।

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