भारतमाला परियोजना घोटाले में बड़ा एक्शन, रिटायर्ड IAS जेके ध्रुव के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित भारतमाला परियोजना घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जेके ध्रुव से जुड़े भिलाई स्थित ठिकानों पर छापेमारी की है। अधिकारियों की टीम ने तड़के पहुंचकर दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच शुरू की। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब जेके ध्रुव पहले से ही सीजी-पीएससी भर्ती घोटाले के मामले में जेल में बंद हैं।
तीन स्थानों पर एक साथ जांच कार्रवाई
जानकारी के अनुसार ईडी की टीम कई वाहनों के साथ भिलाई पहुंची और जेके ध्रुव से जुड़े तीन अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच अधिकारियों ने महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की। हालांकि जांच एजेंसी की ओर से अभी तक कार्रवाई के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जांच एजेंसियां भारतमाला परियोजना में हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं और संबंधित व्यक्तियों के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही हैं। इसी कड़ी में जेके ध्रुव के नाम सामने आने के बाद यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
43 करोड़ रुपए के भुगतान घोटाले की जांच
भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में कथित रूप से करोड़ों रुपए के घोटाले का मामला सामने आया था। जांच में आरोप है कि भूमि को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर मुआवजे की राशि को असामान्य रूप से बढ़ाया गया।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि कुछ राजस्व अधिकारियों और भू-माफिया के गठजोड़ ने दस्तावेजों में हेरफेर कर जमीन के रिकॉर्ड में नए नाम जोड़ दिए, जिससे मुआवजा राशि कई गुना बढ़ गई। मामले में कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा चुकी है।
क्या है भारतमाला परियोजना
भारतमाला परियोजना केंद्र सरकार की एक प्रमुख सड़क अवसंरचना योजना है, जिसके तहत देशभर में आर्थिक गलियारों और राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास किया जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य माल परिवहन को अधिक सुगम और तेज बनाना है।
रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर इस महत्वाकांक्षी योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भूमि अधिग्रहण में सामने आए कथित घोटाले के बाद जांच एजेंसियां भुगतान प्रक्रिया, राजस्व रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच कर रही हैं। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





