बारामती विमान हादसा: DGCA की 4 सदस्यीय टीम ने किया मुआयना, CCTV फुटेज खंगाले

बारामती में हुए विमान हादसे की जांच तेज कर दी गई है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के वरिष्ठ अधिकारियों की चार सदस्यीय टीम ने घटनास्थल का दौरा कर तकनीकी साक्ष्य जुटाए। टीम ने हादसे से जुड़े CCTV फुटेज और उपलब्ध वीडियो रिकॉर्डिंग का भी परीक्षण किया है।
इस विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की मौत हुई थी। हादसे के बाद से घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) के विधायक रोहित पवार ने हादसे के क्रम को लेकर संदेह जताते हुए साजिश की आशंका व्यक्त की है और विभिन्न विशेषज्ञ एजेंसियों से व्यापक जांच की मांग की है।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, 28 जनवरी की सुबह हुई इस दुर्घटना की परिस्थितियों को समझने के लिए घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। बारामती एयरफील्ड को ‘अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड’ बताया गया है, जहां समर्पित एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) नहीं है और उड़ानों की जानकारी स्थानीय फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन के इंस्ट्रक्टर या पायलट द्वारा साझा की जाती है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि हादसे की जांच समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। दुर्घटना के तुरंत बाद एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और DGCA की टीम ने मौके पर पहुंचकर जले हुए विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद किया था, जिसकी तकनीकी जांच जारी है।
हादसे के दो दिन बाद महाराष्ट्र अपराध अन्वेषण विभाग (CID) ने भी मामले की जांच शुरू कर दी। जांच एजेंसियां तकनीकी खामियों, मानवीय त्रुटि या अन्य संभावित कारणों की सभी पहलुओं से पड़ताल कर रही हैं।
28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती एयरपोर्ट के पास हुए इस हादसे में अजित पवार के अलावा कैप्टन सुमित कपूर, सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक, पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर विदिप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की भी मृत्यु हुई थी। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों के विश्लेषण के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा।





