आयुष्मान वय-वंदना कार्ड निर्माण: छत्तीसगढ़ देश में 5वें नंबर पर
3.6 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को मिला लाभ

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई पीएम आयुष्मान वय-वंदना योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। राज्य में अब तक 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के 3 लाख 60 हजार से अधिक नागरिकों के आयुष्मान वय-वंदना कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे छत्तीसगढ़ इस योजना के क्रियान्वयन में देशभर में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में यह कार्य तीव्र गति से किया गया है। छत्तीसगढ़ ने इस क्षेत्र में राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए एक नया कीर्तिमान रच दिया है। राज्य सरकार के निर्देश पर सभी जिलों में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र वरिष्ठ नागरिक इस योजना के तहत निःशुल्क इलाज से वंचित न रह जाए। इस अभियान में शासकीय विभागों के अलावा सामाजिक संस्थाएं, पेंशनर्स संघ, वृद्धाश्रम, वरिष्ठजन कल्याण संघ और निजी आवासीय सोसायटियां भी सक्रिय सहयोग दे रही हैं।
कोई भी नागरिक जिसके माता-पिता या परिवार के अन्य सदस्य 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं, वे नजदीकी सरकारी अस्पताल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय, या स्वास्थ्य कार्यकर्ता के माध्यम से निःशुल्क आयुष्मान वय-वंदना कार्ड बनवा सकते हैं। साथ ही, टोल फ्री नंबर 104 पर कॉल कर जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा, गूगल प्ले स्टोर से आयुष्मान भारत ऐप और आधार फेस ID ऐप डाउनलोड कर स्वयं भी पंजीयन किया जा सकता है।
अक्टूबर 2024 से देशभर में यह योजना शुरू हुई थी, लेकिन छत्तीसगढ़ में नवंबर 2024 के बाद तेज़ी से कार्य हुआ है। राज्य सरकार ने ऐसे 6 जिलों को, जहां 60% से अधिक पात्र नागरिकों का पंजीयन हो चुका है, “वय-मित्र जिले” घोषित किया है। इन जिलों में विशेष रूप से वय-मित्र स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, मोबाइल मेडिकल यूनिट, टेली-मेडिसीन, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, और आयुष आधारित इलाज की सेवाएं सुलभ कराई जा रही हैं। इसके साथ ही, प्रत्येक गुरुवार “शियान-जतन शिविर” का आयोजन कर वरिष्ठ नागरिकों की समग्र देखभाल सुनिश्चित की जा रही है।





