सांप काटने से मौतों में कर्नाटक सबसे आगे, तीन साल में 277 लोगों की गई जान

देश में सांप के काटने से होने वाली मौतों के मामलों में कर्नाटक राज्य सबसे ऊपर पहुंच गया है। पिछले तीन वर्षों में यहां 277 लोगों की जान जा चुकी है, जिससे स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार, इन घटनाओं में सबसे ज्यादा प्रभावित ग्रामीण क्षेत्र के लोग और कृषि मजदूर हैं। अधिकतर हादसे खेतों में काम करते समय या रात के समय पर्याप्त रोशनी के अभाव में हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन मौतों का प्रमुख कारण समय पर विषनाशक दवा न मिल पाना और पारंपरिक या घरेलू उपचार पर निर्भर रहना है। कई मामलों में पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने में देरी भी जानलेवा साबित हुई है।
स्वास्थ्य विभाग ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया है। विभाग का कहना है कि सांप के काटने की स्थिति में तुरंत प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी है।
राज्य के कुछ जिलों में इस तरह के मामलों की संख्या अधिक पाई गई है, जहां सांपों की विषैली प्रजातियों की मौजूदगी भी ज्यादा है। विशेषज्ञों ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए बेहतर व्यवस्था की आवश्यकता बताई है।





