sexually harassing : महिला जूनियर डॉक्टर से यौन उत्पीड़न के आरोपी सिम्स के एचओडी की अग्रिम जमानत खारिज

कम नंबर देने की धमकी देकर कर रहा था यौन शोषण, शिकायत के बावजूद सिम्स प्रबंधन ने नहीं की कार्रवाई

बिलासपुर:
sexually harassing : सिम्स मेडिकल कॉलेज में एक जूनियर महिला डॉक्टर के यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. पंकज टेम्भूर्णीकर की गिरफ्तारी से बचने की चाल नाकाम हो गई है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

आरोपों के अनुसार, डॉ. पंकज टेम्भूर्णीकर ने महिला डॉक्टर को परीक्षा में कम नंबर देने की धमकी देकर उसका यौन उत्पीड़न किया। पीड़िता ने इस मामले की शिकायत पहले सिम्स की विशाखा कमेटी से की थी, लेकिन कॉलेज प्रबंधन की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जब आरोपी की हरकतें बढ़ने लगीं और महिला डॉक्टर ने फिर से शिकायत की, तो सिम्स के डीन ने केवल दिखावे की कार्रवाई की।

इसके बाद, पीड़िता ने मामले को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया, जिसके बाद सिम्स प्रशासन ने कुछ कार्रवाई की, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई। आखिरकार, पीड़िता ने सिटी कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने डॉ. पंकज के खिलाफ केस दर्ज किया।

गिरफ्तारी से बचने के लिए डॉ. पंकज ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता।

यह घटना सिम्स मेडिकल कॉलेज में महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामलों में प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करती है। अदालत द्वारा अग्रिम जमानत खारिज किए जाने के बाद, यह प्रतीत होता है कि न्याय की प्रक्रिया धीरे-धीरे सही दिशा में बढ़ रही है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई क्या होती है, और क्या पीड़िता को न्याय मिलेगा।

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