Ambani ED Raid 2025 : अंबानी के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, जानिए अब तक का बड़ा खुलासा
Ambani ED Raid 2025 : ED की बड़ी कार्रवाई, अंबानी के ठिकानों पर तीसरे दिन भी छापेमारी जारी, यस बैंक लोन स्कैम में फंसे अंबानी, रिश्वत के लेनदेन की जांच में तेजी

मुंबई। रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। (Ambani ED Raid 2025) प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 3,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक कर्ज घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तीसरे दिन भी छापेमारी जारी रखी। शनिवार को भी मुंबई समेत कई ठिकानों पर कार्रवाई की गई, जिसमें दस्तावेजों, कंप्यूटर उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक डेटा को जब्त किया गया। यह छापेमारी PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत की जा रही है।
कैसे शुरू हुआ मामला?
ईडी ने 24 जुलाई को जांच की शुरुआत की थी। जांच एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2017 से 2019 के बीच अनिल अंबानी समूह की कंपनियों ने यस बैंक से करीब 3,000 करोड़ रुपये का ऋण लिया, जिसे कथित रूप से अन्यत्र डायवर्ट किया गया। इसी संदर्भ में 50 कंपनियों और 25 लोगों के 35 से अधिक परिसरों पर छापे मारे गए हैं। इनमें अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं।
रिश्वतखोरी की भी जांच (Ambani ED Raid 2025)
ईडी सूत्रों के अनुसार, इस मामले में सिर्फ फंड डायवर्जन ही नहीं, बल्कि रिश्वत के लेनदेन के भी संकेत मिले हैं। जांच में यह तथ्य सामने आया कि यस बैंक द्वारा ऋण स्वीकृति से ठीक पहले बैंक प्रवर्तकों और संबंधित संस्थानों को संदिग्ध भुगतान किए गए। यह लेनदेन संभावित रिश्वत की ओर इशारा करते हैं। साथ ही, यह भी पाया गया कि कुछ ऋण दस्तावेजों को पीछे की तारीख में तैयार किया गया और बैंक की ऋण नीति का खुला उल्लंघन करते हुए बिना उचित जांच के कर्ज स्वीकृत किए गए।
शेयर बाजार में भी दिखा असर
इस छापेमारी का असर शेयर बाजार पर भी नजर आया। अनिल अंबानी की दो प्रमुख कंपनियों रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
-रिलायंस पावर का शेयर -4.99% टूटकर ₹56.72 पर बंद हुआ।
-रिलायंस इंफ्रा का शेयर -5.00% गिरकर ₹342 पर आ गया। (Ambani ED Raid 2025)
हालांकि, दोनों कंपनियों ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया है कि ईडी की जांच का उनके बिजनेस, फाइनेंशियल परफॉर्मेंस या शेयरधारकों पर कोई असर नहीं पड़ा है।
कंपनियों का पक्ष
रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि मीडिया में जो खबरें आ रही हैं, वे लगभग 10 साल पुरानी कंपनी ‘रिलायंस कम्युनिकेशन्स लिमिटेड’ या ‘रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड’ से जुड़ी हो सकती हैं, जिनका वर्तमान परिचालन से कोई लेना-देना नहीं है।
आगे क्या?
ईडी इस मामले में सभी दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। अगर आरोप सिद्ध होते हैं, तो इसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों और बैंक के पूर्व पदाधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ सकती है।
वर्तमान में अनिल अंबानी सार्वजनिक रूप से चुप हैं, लेकिन जांच की दिशा बताती है कि आने वाले समय में यह मामला और गंभीर मोड़ ले सकता है। (Ambani ED Raid 2025)





