हनुमान चालीसा, राहुल गांधी और कांग्रेस पर अजय चंद्राकर का तीखा हमला

रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के एक बयान पर सियासत तेज हो गई है। भूपेश बघेल के “हम धीरेंद्र शास्त्री के जन्म से पहले से हनुमान चालीसा पढ़ते आ रहे हैं” वाले बयान पर विधायक अजय चंद्राकर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
अजय चंद्राकर ने कहा कि भूपेश बघेल हनुमान चालीसा पढ़ते होंगे, लेकिन उनकी सोच और साथ किन लोगों का है, यह उनकी भाषा और बयानों से साफ झलकता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वे कुंभकरण और रावण के साथ खड़े नजर आते हैं। हनुमान चालीसा का प्रभाव उनके आचरण में दिखाई नहीं देता। संस्कार किस ओर हैं, यह उनकी वाणी खुद बता रही है।
कानून और नाम को लेकर कांग्रेस पर निशाना
कांग्रेस के व्हीबी जीरामजी को लेकर हो रहे विरोध पर अजय चंद्राकर ने कहा कि किसी चीज के नाम पर नहीं, बल्कि उसके प्रारूप और नियमों पर चर्चा होनी चाहिए। नए कानून के नए स्वरूप को समझना जरूरी है। उन्होंने साफ किया कि राजीव गांधी और इंदिरा गांधी के नाम बीजेपी ने नहीं हटाए हैं, वे उनके लिए भी सम्माननीय हैं। महात्मा गांधी को उन्होंने विश्व स्तर का आइकॉन बताया।
राहुल गांधी के दौरे पर तंज
राहुल गांधी के संभावित छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर भी अजय चंद्राकर ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पहले आत्मचिंतन करना चाहिए कि कांग्रेस पांच साल में चुनाव क्यों हार गई। ग्रामीण कार्यकर्ताओं को परेशान करने के बजाय पार्टी के पास कोई ठोस ट्रेनिंग विजन होना चाहिए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि आत्मचिंतन के लिए राहुल गांधी के पास विदेश जाने के अवसर भी हैं, जबकि छत्तीसगढ़ की स्थिति फिलहाल अच्छी है।
कांग्रेस की बैठक पर भी हमला
दिल्ली में कांग्रेस की बैठक को लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस अब तक ब्लॉक अध्यक्ष तक नियुक्त नहीं कर पा रही है। छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं का दिल्ली जाना यह दिखाता है कि फैसले “हुजूर-ए-आला” से पूछकर ही होंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को बैठक की जरूरत ही नहीं, ईमेल से ही नाम मंगवा लिए जाएं।
गिरफ्तारी पर बयान
कांग्रेस नेता विनोद तिवारी की गिरफ्तारी पर अजय चंद्राकर ने कहा कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश से हुई है, बीजेपी के कहने पर नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का पूरा मामला सिर्फ बयानबाजी और औपचारिक आरोपों तक सीमित है।





