एअर इंडिया के पायलटों ने उड़ाया नियमों से ज्यादा समय, DGCA ने दी चेतावनी

दिल्ली। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने पायलट ड्यूटी ऑवर्स के उल्लंघन को लेकर एअर इंडिया को चेतावनी जारी की है। मामला मई में बेंगलुरु-लंदन रूट की दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से जुड़ा है, जहां पायलटों ने अधिकतम 10 घंटे की तय सीमा से ज्यादा समय तक विमान उड़ाया। यह फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों का उल्लंघन है।
जून में DGCA ने एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन प्राप्त जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। बुधवार को सूत्रों ने बताया कि इसके बाद एयरलाइन को भविष्य में गलती न दोहराने की सख्त चेतावनी दी गई है।
एअर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि यह समस्या उस समय हुई जब कुछ बॉर्डर इलाकों में एयरस्पेस बंद था, जिससे उड़ानों में देरी और समय बढ़ गया। हालांकि, उन्होंने कहा कि अब कंपनी पूरी तरह नियमों का पालन कर रही है।
क्या है पायलटों का 10 घंटे का नियम?
DGCA और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं जैसे ICAO, EASA, FAA पायलटों की उड़ान समय सीमा तय करती हैं। एक दिन में पायलट अधिकतम 10 घंटे तक ही विमान उड़ा सकते हैं, ताकि थकान से उड़ान सुरक्षा प्रभावित न हो। उड़ान के बाद पायलट को कम से कम 12 घंटे का आराम अनिवार्य है।
नियम के तहत, एक पायलट 7 दिन में अधिकतम 35 घंटे, 30 दिन में 125 घंटे और सालभर में अधिकतम 1000 घंटे तक ही विमान उड़ा सकता है। यह प्रावधान यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं।





