गरियाबंद में डीजल घोटाले पर कार्रवाई, 25 लाख की गड़बड़ी करने वाला लिपिक निलंबित

गरियाबंद: जिले के सीएमएचओ कार्यालय में हुए चर्चित डीजल घोटाले में आखिरकार बड़ा कदम उठाया गया है। करीब 25 लाख रुपये की गड़बड़ी करने वाले लिपिक विजेंद्र कुमार ध्रुव को कलेक्टर भगवान उइके ने 19 मई को सस्पेंड कर दिया है।
यह मामला सरकारी वाहन में डीजल डलवाने के नाम पर फर्जी बिल पास करवाने से जुड़ा है। आरोप है कि लिपिक ने सीजी 02 6140 नंबर की सरकारी गाड़ी के नाम पर जय लक्ष्मी पेट्रोल पंप से 25 लाख रुपये के फर्जी बिल बनवाए। इस गड़बड़ी में कुछ बड़े अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, लेकिन अब तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
यह घोटाला सीएमएचओ केसी उरांव के समय शुरू हुआ और गार्गी यदु पाल के कार्यकाल तक चलता रहा। मामला सामने आने के बाद डीजल पंप बदल दिया गया, लेकिन कहा जा रहा है कि भ्रष्टाचार दूसरी योजनाओं में जारी रहा।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि लिपिक की करतूतों की जानकारी होने के बावजूद उसे तीन महीने की सरकारी ट्रेनिंग पर भेजा गया। अब जब उस पर कार्रवाई हुई है, तो उम्मीद की जा रही है कि स्वास्थ्य विभाग में हुए और भी घोटालों का पर्दाफाश होगा।
जिले में नए कलेक्टर भगवान उइके के आने के बाद दबे हुए मामलों की फाइलें निकलनी शुरू हो गई हैं। लोगों को उम्मीद है कि आगे और भी भ्रष्टाचार के मामलों का खुलासा होगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।





