सीबीएसई के नाम पर भ्रम फैलाने का आरोप, ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल की मान्यता खत्म करने की सिफारिश

बिलासपुर में छात्रों और अभिभावकों को सीबीएसई कोर्स के नाम पर गुमराह करने के मामले में ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल की मान्यता समाप्त करने की अनुशंसा की गई है। केंद्रीय राज्यमंत्री के निर्देश पर गठित जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दी है।
मामला तब सामने आया जब अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन ने बच्चों का एडमिशन सीबीएसई पैटर्न के नाम पर लिया, लेकिन बाद में छत्तीसगढ़ बोर्ड के तहत परीक्षा देने के लिए दबाव बनाया। अचानक परीक्षा की सूचना दिए जाने से बच्चों को तैयारी का समय भी नहीं मिल सका, जिससे अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई।
शहर में संचालित स्कूल की विभिन्न शाखाओं में पढ़ने वाले छात्रों के परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाया। इसके बाद मामले की शिकायत केंद्रीय स्तर तक पहुंची, जहां से जांच के निर्देश दिए गए।
जांच के दौरान अभिभावकों के बयान लिए गए, जिसमें उन्होंने बताया कि स्कूल में सीबीएसई पाठ्यक्रम के नाम पर पढ़ाई कराई जा रही थी और उसी आधार पर फीस भी ली जा रही थी। हालांकि, परीक्षा के समय राज्य बोर्ड के अनुसार व्यवस्था लागू कर दी गई।
जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को भ्रमित किया गया। स्कूल को राज्य बोर्ड से मान्यता प्राप्त है, लेकिन सीबीएसई के नाम पर पढ़ाई कराई गई, जो नियमों के विरुद्ध है।
स्कूल प्रबंधन ने अपने पक्ष में कहा है कि उन्होंने कहीं भी सीबीएसई मान्यता का दावा नहीं किया है और सभी दस्तावेजों में राज्य बोर्ड का ही उल्लेख है। इसके बावजूद जांच कमेटी ने मान्यता समाप्त करने की सिफारिश करते हुए शासन से नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है।
मामले में हाईकोर्ट में भी सुनवाई के दौरान स्कूलों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





