मतांतरण का आरोप, सांईधाम अपार्टमेंट में दो पादरी पुलिस हिरासत में

बिलासपुर।
शहर के सांईधाम अपार्टमेंट में रविवार को प्रार्थना सभा की आड़ में कथित मतांतरण का मामला सामने आया है। हिंदू संगठनों के विरोध के बाद पुलिस ने दो पादरियों को हिरासत में लिया है और पूछताछ के लिए तोरवा थाने में रखकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्या है मामला?
बताया जा रहा है कि सांईधाम अपार्टमेंट के एक फ्लैट में विशेष समुदाय द्वारा प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा था। हिंदू संगठनों का आरोप है कि इस सभा के माध्यम से हिंदू धर्म के लोगों को बहला-फुसलाकर और प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था।
हिंदू संगठन का विरोध
जैसे ही हिंदू संगठनों को इस प्रार्थना सभा की जानकारी मिली, उन्होंने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध जताया और प्रशासन को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला और दो पादरियों को हिरासत में लेकर थाने ले गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
तोरवा थाना पुलिस ने बताया कि मामले की लिखित शिकायत प्राप्त हो चुकी है और प्रारंभिक जांच जारी है। अगर आरोपों की पुष्टि होती है, तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब जांच के घेरे में ये सवाल:
क्या प्रार्थना सभा की अनुमति ली गई थी?
क्या किसी प्रकार का प्रलोभन या दबाव बनाया गया?
क्या यह धर्मांतरण कानून के उल्लंघन का मामला बनता है?
बैकग्राउंड
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ समय से मतांतरण से जुड़े मामलों को लेकर सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर बहस तेज़ रही है। ऐसे में इस घटना ने एक बार फिर इस संवेदनशील मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।
फिलहाल, पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामला वास्तव में मतांतरण का है या नहीं।





